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दीवाली पर छोटी सी गलती से 10 की गई आँखों की रोशनी !

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eye injury in diwali
eye injury in diwali

Eye injury : पटाख़े जलाते या देखते समय हुया हादसा, 16 बच्चों को हुया नुकसान

दी स्टेट हैडलाइंस
चंडीगढ़।
Eye injury : दिवाली पर पटाखे चलाते हुए एक छोटी सी गलती ने 34 से ज्यादा लोगों को अस्पताल तक पहुंचा दिया है। इन 34 लोगों की आंख पर पटाखे लगने की वजह से चोट आई है। इनमें से 10 की आंखों को काफी ज्यादा गंभीर नुकसान पहुंचा है। Eye injury के चलते पीजीआई के आई सेन्टर में रात को ही इनका ऑपरेशन करना पड़ा। जिन 10 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है, उनकी आंखों की रोशनी आएगी या फिर नहीं आएगी यह कल तक ही पता चल पाएगा। आंखों की रोशनी खोने तक की नौबत आने वाले इन 10 मरीजों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। इन बच्चों की उम्र 5 से 15 साल के बीच में बताई जा रही है। जिसमें से एक बच्चे की दोनों आंखों पर काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि बाकी बच्चों की एक ही काम पर नुकसान हुआ है।

दिवाली जरूरी परंतु पटाखों से दूरी ज्यादा जरूरी

दिवाली का त्योहार हर कोई मानता है और इसको जरूरी भी कहा जाता है। परंतु इस जरूरी में पटाखे की मजबूरी कोई जरूरी नहीं है। अगर आपने पटाखे चलाने ही है तो कम से कम बच्चों के साथ बड़े जरूर रहे और बच्चों को सुरक्षा में लेकर ही पटाखे चलाएं, क्योंकि एक छोटी सी गलती उम्र भर के लिए आंखों की रोशनी (lost eye vision) तक छीन सकती है। पिछले कई सालों से लगातार पीजीआई में ऐसे दर्जनों मरीज जा रहे हैं। जिनमें ही ज्यादातर बच्चों की ही गिनती ज्यादा होती है जो कि पटाखों के कारण अपनी एक आंख या फिर दोनों आंखों तक की रोशनी कोने तक का गम लेकर वापस जा रहे हैं।

चश्मा पहनकर बचाई जा सकती है आंखों की रोशनी

अगर बच्चे किसी भी कारणवश पटाखे चलाने को लेकर जिद करते हैं तो उन्हें चश्मा पहनकर उनके आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है। इसके लिए आम चश्मे की जगह स्विमिंग करने वाला चश्मा अगर पहन लिया जाए तो वह आंखों को चारों तरफ से कवर कर लेता है। जैसे वह चश्मा पानी को आँखों तक नहीं पहुंचने देता वैसे ही पटाखे की चिंगारी या फिर पटाखे से उठकर आने वाली कोई भी चीज आँखों तक नहीं पहुंच पाएगी और बाहर चश्मे से टकराकर ही रुक जाएगी। जिससे आंखों का नुकसान बचाया जा सकता है।

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Rajesh Sachdeva

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