पंजाब

आप नेताओं ने नायब सिंह सैनी को दिखाए काले झंडे

62 Views
AAP leaders showed black flags to Nayab Singh Saini
AAP leaders showed black flags to Nayab Singh Saini

AAP leaders अमृतसर में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ किया प्रदर्शन

पंजाब का बकाया फंड रोकने के बाद भाजपा किस मुंह से पंजाब आ रही है? जीवनजोत कौर

अमृतसर, 21 फरवरी। आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं (AAP leaders) और विधायकों ने शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अमृतसर दौरे के दौरान उनका जोरदार प्रदर्शन किया। काले झंडे लहराते हुए और सिर पर काली पट्टी बांधकर आप नेताओं ने उनके आने का विरोध किया और कहा कि भाजपा ने लगातार पंजाब विरोधी रवैया अपनाया है।

नायब सिंह सैनी अमृतसर की दाना मंडी में एक रैली में शामिल होने और सैनी समुदाय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। हालांकि, रैली की जगह के बाहर, स्थानीय आप विधायक और नेताओं ने उनके काफिले का विरोध किया और पंजाब के प्रति भाजपा के भेदभाव वाले रवैये पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की।

विधायक जीवन जोत कौर, विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर, विधायक डॉ. अजय गुप्ता, अमृतसर शहरी ज़िला अध्यक्ष प्रभबीर सिंह बराड़, लोकसभा इंचार्ज जसकरण बदेशा, अमृतसर ग्रामीण ज़िला अध्यक्ष गुरप्रताप सिंह संधू, डॉ. इंदरपाल, गुरदर्शन सिंह गोल्डी, अरविंदर सिंह भट्टी, वरुण राणा, सतनाम सिंह मठारू, मंदीप मोंगा, बलबीर बोपाराय, विसाखा सिंह, रमन कुमार, बॉबी बावा, विक्रमजीत विक्की, बलजीत सिंह रिंकू, सुखचैन सिंह तलवंडी, राजबीर सिंह, लवप्रीत सिंह, लखबीर सिंह, दलजीत सिंह, गुरप्रीत कटारिया, गौरव अग्रवाल, सतपाल सोखी, कामना आनंद, सरबजीत बल और अशोक कुमार समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रैली की जगह के बाहर इक्ट्ठा हुए।

केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े पंजाब के अधिकारों के फंड रोके : AAP leaders

आप नेताओं ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े पंजाब के अधिकारों के फंड रोके हैं, और साथ ही राजनीतिक दौरों और बयानबाजी द्वारा राज्य के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए जीवनजोत कौर ने कहा कि हम आज इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि हम पूछना चाहते हैं कि भाजपा किस मुंह से पंजाब आ रही है? वे यहां के लोगों को गुमराह करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? जनता अच्छी तरह जानती है कि भाजपा ने पंजाब का फंड रोक रखा है, चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा या विकास के लिए हो। पंजाबी भाजपा के किसान विरोधी, व्यापार विरोधी और शिक्षा विरोधी चेहरे को अच्छी तरह जानते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग भोले नहीं हैं। वे समझते हैं कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के हितों के विरुद्ध काम किया है। आज का प्रदर्शन एक स्पष्ट संदेश है कि पंजाब के लोग झूठे प्रचार से गुमराह नहीं होंगे।

‘आप’ नेता नील गर्ग ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि आपको पंजाब में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने का पूरा हक है, लेकिन यह मत भूलिए कि आप हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। पंजाब के कानून-व्यवस्था पर बेबुनियाद सवाल उठाकर लोगों को गुमराह न करें।

केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट साफ दिखाती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में पंजाब, हरियाणा से बेहतर : नील गर्ग

आंकड़ों का हवाला देते हुए नील गर्ग ने कहा, “केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट साफ दिखाती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में पंजाब, हरियाणा से बेहतर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पंजाब देश में दूसरे नंबर पर है, जबकि क्राइम रेट में यह हरियाणा से काफी नीचे है। हरियाणा में 2023 में 1,000 से ज़्यादा और 2024 में 900 से ज़्यादा मर्डर हुए। वहां महिलाओं और दलितों पर अत्याचार बहुत ज़्यादा हैं। पंजाब को लेक्चर देने से पहले हरियाणा सरकार को अपने अंदर झांकना चाहिए।”

उन्होंने किसानों के कर्ज के बारे में भाजपा के दावों का जवाब देते हुए कहा कि जब भाजपा सत्ता में आई थी तब पंजाब के किसानों के कर्जे का बोझ काफी बढ़ गया था। इसके अलावा, हरियाणा और पंजाब के किसानों के कर्ज के स्तर में कोई बड़ा अंतर नहीं है। झूठे बयान तथ्यों को नहीं बदल सकते।

अपनी बात खत्म करते हुए नील गर्ग ने कहा कि पंजाब में राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने के बजाय, हरियाणा के मुख्यमंत्री को पहले उन लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी चाहिए। जिन्होंने उन्हें चुना है और हरियाणा के हालात को सुधारना चाहिए।

यह भी पढ़े : – शिक्षा क्रांति का असर : सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पास किया JEE Mains

Share this story:
Rajesh Sachdeva

About Rajesh Sachdeva

Author at The State Headlines.

View all posts