शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 2,300 करोड़ का निवेश : Harjot Bains
चंडीगढ़, 18 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Bains ने भगवंत मान सरकार के साढ़े चार साल का शिक्षा क्षेत्र का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता तक में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में स्कूली बुनियादी ढांचे पर 2,300 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
Harjot Bains के अनुसार, इस दौरान राज्य के सरकारी स्कूलों में 9,000 से अधिक नए क्लासरूम और लैब, 13,920 नए शौचालय, 2 लाख बेंच और 10,000 से अधिक इंटरैक्टिव पैनल लगाए गए हैं। इसके अलावा 5,012 स्कूलों को एडवांस्ड कंप्यूटर लैब से अपग्रेड किया गया है और सभी सरकारी स्कूलों को वाई-फाई सुविधा से लैस करने का दावा किया गया है।
3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2022 से अब तक 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से निकलकर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं। उन्होंने इसे सरकारी स्कूलों में लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया।
बैंस ने कहा कि सरकार के सामने जब 2022 में शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आई तो कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। उनके मुताबिक, 5,000 से अधिक स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय नहीं थे, करीब 4 लाख विद्यार्थी फर्श पर बैठते थे और लगभग 500 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं थी।
NEET और JEE के परिणामों में सुधार का दावा : Harjot Bains
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों से NEET-UG पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई।
उन्होंने बताया कि 2024 में 437, 2025 में 847 और 2026 में 882 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों ने NEET-UG पास किया। इसके अलावा 361 विद्यार्थियों ने JEE Main और 64 विद्यार्थियों ने JEE Advanced परीक्षा पास की।
AI को पहली से 12वीं तक मुख्य विषय बनाने का दावा
बैंस ने कहा कि पंजाब पहली से 12वीं कक्षा तक Artificial Intelligence (AI) को मुख्य विषय के रूप में लागू करने वाला पहला राज्य बना है। इसके अलावा Business Blasters कार्यक्रम के तहत 2.30 लाख विद्यार्थियों को कारोबार का व्यावहारिक अनुभव देने और सीड मनी के तौर पर 29 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का दावा किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को व्यावसायिक और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को वापस शिक्षा व्यवस्था में लाने के उद्देश्य से 40 विशेष Skill Education Schools भी शुरू किए गए हैं।
शिक्षकों की ट्रेनिंग और स्कूल सुविधाओं पर जोर : Harjot Bains
शिक्षा मंत्री Harjot Bains के अनुसार, पंजाब के प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और मुख्य अध्यापकों को IIM अहमदाबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। स्कूलों में सुरक्षा और रखरखाव के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पूर्व सैनिकों को कैंपस मैनेजर के तौर पर तैनात करने तथा बड़े स्कूलों में सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में अब स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट, कबड्डी मैट, कुश्ती और बॉक्सिंग रिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
पंजाब को स्कूली शिक्षा में अग्रणी बनाने का दावा
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि नीति आयोग की 2026-27 रिपोर्ट के अनुसार पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में पंजाब के स्कूलों को इस स्तर तक पहुंचाना है कि किसी भी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि वह अब तक व्यक्तिगत रूप से 2,000 से अधिक स्कूलों का दौरा कर चुके हैं और शिक्षा सुधार की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
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