पंजाब

Bikram Majithia के खिलाफ 40 हजार पन्नों की चार्जशीट

• •
22 Views
40,000-page charge sheet against Bikram Majithia
40,000-page charge sheet against Bikram Majithia

बलतेज पन्नू बोले, अकाली-भाजपा शासन में Bikram Majithia की संपत्ति 1495 प्रतिशत बड़ी

चंडीगढ़, 28 अक्टूबर। अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ नेता Bikram Majithia के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से अदालत में 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने अकाली नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने दावा किया कि जांच में 736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली-भाजपा शासन के दौरान Bikram Majithia की संपत्ति में 1495 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि इसी दौर में पंजाब नशे के संकट से जूझ रहा था।

बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पन्नू ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वॉड, मोहाली में दर्ज एफआईआर नंबर 22, दिनांक 25 जून 2025 के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामला 2 मार्च 2007 से 31 मार्च 2017 के बीच कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है। पन्नू के मुताबिक, जांच में 719.72 करोड़ की बेनामी संपत्ति और कथित काली कमाई सामने आई है, जबकि वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोतों की जांच में कुल रकम 736.96 करोड़ तक पहुंच गई।

शुरुआती जांच से बढ़कर 719.72 करोड़ रुपये तक पहुंचा संपत्ति का आंकड़ा

पन्नू ने विजिलेंस जांच के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआती स्तर पर 40.78 करोड़ की संपत्ति में 1200.13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उनके मुताबिक, शुरुआती जांच में आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा 10.3 करोड़ था, जो आगे की जांच में बढ़कर 50.81 करोड़ की बेनामी संपत्तियों और अंततः 719.72 करोड़ की कथित संपत्ति तक पहुंच गया। उन्होंने इसे 1495.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताया।

आप नेता ने 2007 से 2017 के समय को पंजाब में नशे के फैलाव से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि जब राज्य की युवा पीढ़ी चिट्टे के संकट का सामना कर रही थी, उस दौरान Bikram Majithia की संपत्ति में असाधारण इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने के आरोप लगे हैं, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Bikram Majithia : शेल कंपनियों और शराब कारोबार के जरिए पैसे के लेन-देन का आरोप

पन्नू ने दावा किया कि चार्जशीट में कथित काली कमाई को वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल की गई शेल कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का ब्योरा दिया गया है। उन्होंने सरैया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रिन सरलोआ ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड, एसडी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए टू जेड ट्रांसपोर्ट, एडी एंटरप्राइजेज, एचयूवी (यूनाइटेड वाइन), आकाश एंटरप्राइजेज, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, आकाश स्पिरिट्स प्राइवेट लिमिटेड और नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों का नाम लिया।

उनके अनुसार, जांच में सरैया इंडस्ट्रीज के खातों में 2007-08 और 2008-09 के दौरान ₹170.39 करोड़ नकद जमा होने, विदेशी कंपनियों से ₹176.56 करोड़ के कथित अनुचित लाभ, 2012-13 और 2013-14 में ₹127.90 करोड़ के अतिरिक्त फंड, नवांशहर पावर से जुड़े सिंडिकेट के जरिए ₹16.68 करोड़ के कथित लाभ, सरलोआ इंडस्ट्रीज में ₹194.62 करोड़ की अस्पष्ट बढ़ोतरी और ₹50.81 करोड़ के बेहिसाबी फंड की जांच की गई है।

ये सभी आंकड़े पन्नू की ओर से विजिलेंस जांच के हवाले से पेश किए गए हैं। आरोपों पर मजीठिया या संबंधित कंपनियों का पक्ष इस सामग्री में शामिल नहीं है।

पूरक चालान, रिश्तेदार का नाम और विदेश में मौजूद आरोपियों का दावा

पन्नू ने बताया कि सह-आरोपी हरप्रीत सिंह गुलाटी की गिरफ्तारी के बाद 27 जनवरी 2026 को पूरक चालान दाखिल किया गया था। इससे पहले 1 नवंबर 2025 को भी पूरक चालान पेश किया गया था। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान मजीठिया के सगे साले गजपत सिंह ग्रेवाल का नाम भी सामने आया और उसे आपराधिक साजिश से संबंधित धारा 120-बी के तहत नामजद किया गया।

पन्नू ने आरोप लगाया कि ड्रग्स जांच में मजीठिया का नाम सामने आने के बाद तत्कालीन प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी निरंजन सिंह का रातों-रात तबादला कर दिया गया था। उन्होंने मजीठिया के करीबी बताए जाने वाले सतप्रीत सिंह उर्फ सत्ता और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदी के कनाडा में होने का दावा भी किया। पन्नू के मुताबिक, राज्य सरकार केंद्र से उनके प्रत्यर्पण के लिए कदम उठाने की मांग कर रही है, ताकि कथित अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क की जांच आगे बढ़ सके।

राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों पर भी पलटवार

पन्नू ने कहा कि इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताने वालों को चार्जशीट और इसमें शामिल बताए जा रहे करीब 300 गवाहों के बयानों को देखना चाहिए। उन्होंने भाजपा और अकाली दल के बीच राजनीतिक नजदीकियों का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से नशे के खात्मे के लिए 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा तय किए जाने और हरसिमरत कौर बादल के बयानों पर भी सवाल उठाए।

आप नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार नशा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दावा किया कि विजिलेंस ने जांच के आधार पर अपना चालान अदालत में पेश कर दिया है और अब मामले में आगे का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

यह भी पढ़े :- पंजाब भर के सभी मतदान केंद्रों पर 24 अक्टूबर को लगाए जाएंगे विशेष शिविर : Anindita Mitra

Share this story:
Rajesh Sachdeva

About Rajesh Sachdeva

Author at The State Headlines.

View all posts