एक्साइज ड्यूटी जुड़ती है बेस रेट में और उस पर पंजाब सरकार लेती है वैट
चंडीगढ़ 27 मार्च। (The State Headlines)। केंद्र सरकार की तरफ से शुक्रवार को पेट्रोल की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी पर ₹10 की कटौती कर दी है जबकि डीजल की कीमतों पर ₹300 की कटौती की गई है। एक्साइज ड्यूटी पर इस कटौती से सीधे तौर पर आम लोगों को कोई भी फायदा नहीं होगा जबकि पेट्रोल कंपनियों को होने वाले नुकसान से बचत हो जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा यह कटौती इस कारण की गई है ताकि पेट्रोल कंपनियों पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी न कर दें।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रोल कंपनियों को तो घाटे में जाने से बचा लिया गया है जबकि इसका नुकसान सीधे तौर पर राज्य सरकार को होने जा रहा है। पंजाब सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट लगती है और इस वैट से ही कई हजार करोड रुपए की कमाई पंजाब सरकार द्वारा की जाती है। केंद्र सरकार द्वारा घटाई गई एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल के बेस रेट में जुड़ती है और एक्साइज ड्यूटी लगने के पश्चात जो रेट बनता है उसे पर वैट राज्य सरकार द्वारा लिया जाता है।
अब जब एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती हुई है तो पेट्रोल और डीजल के बेस रेट में भी फर्क आ जाएगा जिससे वैट भी कम लगने लग जाएगा। इससे पेट्रोल कंपनियों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें सरकार को कम टैक्स देना पड़ेगा जबकि राज्य सरकार को 1200 से लेकर 1500 करोड रुपए का सालाना घाटा सहना पड़ सकता है।
पंजाब सरकार का हिल जाएगा पूरा बजट
राज्य सरकार द्वारा चुनावी साल होने के चलते काफी ज्यादा खर्च इस साल में किया जाना है और अब एक्साइज ड्यूटी में कटौती होने के चलते राज्य सरकार को लगभग 1200 से 1500 करोड रुपए का पेट्रोल और डीजल में वैट के रूप में कब आने की उम्मीद लगाई जा रही है। ऐसे में पंजाब सरकार का बजट भी हिल सकता है क्योंकि 1200 से 1500 करोड रुपए की भरपाई करना ही राज्य सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगी।