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पंजाब में हो गया 400 करोड़ रूपये का रेत खनन घोटाला, हो सीबीआई जांच

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कमाई का आधा हिस्सा ले जा रह है आम आदमी पार्टी : बिक्रम सिंह मजीठिया

माफिया सरगना राकेश चैधरी और अशोक चांडक का साथ दे रही है सरकार

दी स्टेट हेडलाइंस

चंडीगढ़, 16फरवरी।

पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पिछली कांग्रेस सरकार से जुड़े दो रेत खनन माफिया सरगनाओं के अनुबंधों को समाप्त करने के एक महीने बाद ही नवीनीकृत करने के लिए आम आदमी पार्टी के खिलाफ पंजाब में रेत और बजरी ले जाने वाहनों से राॅयल्टी वसूल करने के 400 करोड़ रूपये के घोटाले में शामिल होने के लिए ‘कटटर इमानदार’ सरकार के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है।

अरविंद केजरीवाल मिले हुए है साथ

अकाली नेता ने मुख्यमंत्री पर आप पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर राॅयल्टी घोटाले की अगुवाई करने का आरोप लगाते हुए रसीदें दिखाई, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे रेत पर सरकार द्वारा घोषित 7 रूपये प्रति क्यूबिक फीट राॅयल्टी का केवल एक अंश ही राज्य सरकार द्वारा इकटठा किया गया, जिससे आप पार्टी द्वारा अंतर-राज्यीय वाहनों से वसूली का संकेत मिलता है। उन्होने यह भी खुलासा किया कि कैसे नई खनन नीति ने मुख्यमंत्री को अंतरराज्यीय वाहनों पर राॅयल्टी तय करने का अधिकार दिया और बताया कि इस खाते से एकत्रित अधिकांश फंड राज्य के खजाने के बजाय सीधे आम आदमी पार्टी को जा रहा हॅै। उन्होने कहा, ‘‘ रेत और बजरी से भरे 2000 से अधिक ट्रक पड़ोसी राज्यों से पंजाब मे आते हैं, उससे मिलने वाली राॅयल्टी का कम से कम आधा हिस्सा ‘‘ आप ’’ द्वारा हड़प लिया जाता है’’।

राकेश चैधरी और अशोक चांडक का आप पार्टी के लिए पैसा इकटठा करना एकमात्र मकसद

बिक्रम सिंह मजीठिया ने यह भी दावा किया कि दो खनन माफिया सरगना राकेश चैधरी और अशोक चांडक को आप पार्टी के लिए पैसा इकटठा करने के एकमात्र मकसद से एक गुप्त सौदे में पंजाब में खनन का प्रभार दिया गया था। उन्होने कहा कि पिछले साल 21 दिसंबर को मोहाली और रोपड़ जिलों में रेत खनन के चैधरी के अनुबंध को खत्म करने के बाद आप पार्टी की सरकार ने इस साल 27 जनवरी को उन्हे वही जोन देकर अनुबंध को नवीनीकृत कर दिया था। उन्होने कहा, ‘‘ यह अनुबंध रोपड़ जिले में चैधरी के खिलाफ चार मामले दर्ज होने के बावजूद किया गया, इसके अलावा चैधरी द्वारा लगाए गए ‘‘गुंडा टैक्स’’ का खुलासा होने के बाद उच्च न्यायालय द्वारा चिहिंत सीबीआई जांच के बावजूद ऐसा किया गया।

अशोक चांडड कांग्रेस आलाकमान के बेहद करीबी

मजीठिया ने कहा कि दूसरे ठेकेदार अशोक चांडक, जो कांग्रेस आलाकमान के बेहद करीबी थे, का भी पिछले साल 21 दिसंबर को उनका अनुबंध को समाप्त कर दिया गया था, तथा पिछले महीने 31 जनवरी को नवीनीकृत कर दिया गया । उन्होने कहा कि चांडक को लुधियाना, जालंधर और नवांशहर के वही इलाके दिए गए , जहां से वह पहले कांग्रेस कार्यकाल के दौरान रेत का खनन करता था।

मान सरकार बेईमान सरकार

इन दोनो घोटालों को दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से भी बड़ा करार देते हुए सरदार मजीठिया ने कहा, ‘‘ अब यह स्पष्ट हो गया है कि मान सरकार बेईमान सरकार है, जो पंजाब के खजानेे की कीमत पर आप पार्टी के चुनाव अभियानों के लिए पैसा इकटठा कर रही है’’। अकाली नेता ने कहा यही कारण है कि आप पार्टी की सरकार जानबूझकर पिछले 11 महीनों से खनन नीति नही लेकर आई है। उन्होने कहा, ‘‘यह खनन माफिया के साथ सौदा करना चाहता है और अब ऐसा ही किया है’’। उन्होने कहा आप पार्टी की सरकार ने इस सौदे के बीच कुछ भी नही आने दिया- यहां तक कि मोहाली में अवैध खनन में लिप्त होने के लिए राकेश चैधरी को जारी 26 करोड़ रूपये की वसूली का नोटिस तक नही दिया गया और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सवाल किया गया कि उसके खिलाफ अभी तक आपराधिक कार्रवाई शुरू क्यो नही की गई।

कीमतें तय करने में क्यों विफल रही सरकार

सरदार मजीठिया ने यह भी सवाल किया कि आप पार्टी की सरकार बार बार रेत की कीमतें तय करने में क्यों विफल रही है? उन्होने कहा कि आप पार्टी की सरकार ने सबसे पहले अगस्त में कांग्रेस सरकार द्वारा निर्धारित 5.50 रूपये प्रति क्यूबिक फीट से बढ़ाकर 9 रूपये प्रति क्यूबिक फीट कीमत की और फिर हाल ही में पुरानी कीमत कर दी गई। उन्होने कहा कि स्पष्ट हो गया है कि खनन माफिया के साथ समझौता के तहत किया गया है , और इसकी जांच की जानी चाहिए।

अवैध खनन राज्य के खजाने के साथ साथ कर रही है नौजवानों को भी प्रभावित

अकाली नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अवैध खनन राज्य के खजाने के साथ साथ नौजवानों को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होने कहा, ‘‘ जैसा कि उच्च न्यायालय ने कहा है कि अंतराष्ट्रीय सीमा के साथ नदी के तल में अवैध खनन कर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया गया है। उन्होने कहा कि अरविंद केजरीवाल के दावों के बावजूद कि आप पार्टी की सरकार अकेले रेत खनन से सालाना 20 हजार करोड़ रूपये एकत्र करेगी। उन्होने कहा कि सरकार रेत खनन से कोई फंड जुटाने में नाकाम रही है, इससे स्पष्ट होता है कि इसने खनन माफिया के साथ सौदा किया है।

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Rajesh Sachdeva

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