चंडीगढ़

शर्मनाक, मंत्री के इलाके में बिक रहा है राहत सामग्री का आटा

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-- समाजिक संस्था द्वारा भेजे गए आटे (atta chaki) को बेच दिया गया बाजार में, पुलिस भी बैठी चुप

दी स्टेट हैडलाइंस
पटियाला/संगरूर।
पंजाब में आई बाढ़ में जहां पर सरकार से लेकर सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं प्रभावित इलाकों में राशन बांटने में लगी हुई है तो वहीं पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री के इलाके में राहत सामग्री में आए आटे को बाजार में बेचा जा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि बाजार में बेचे जा रहे हैं इस राहत सामग्री के आटे को लेकर पुलिस को भी जानकारी मिल गई और पुलिस द्वारा आटा चक्की (atta chaki) व आटा बेचने आए व्यक्ति को जांच के लिए पकड़ भी लिया परंतु बिना कार्रवाई किए कुछ ही देर में उन्हें छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर पुलिस पर काफी ज्यादा दबाव बढ़ गया। जिस कारण इससे पर्दा ही नहीं उठ पाया कि आखिरकार राहत सामग्री का आटा बेचने के पीछे असल सच्चाई क्या है ?

जानकारी अनुसार पटियाला और संगरूर जिले में आई बाढ़ मैं सैकड़ों गांव प्रभावित हो गए हैं जिसके चलते इन सैटरडे गांवों में सरकार से लेकर सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं बड़े स्तर पर राशन बांटने का कार्य कर रही है। संगरूर जिले के 1 गांव में ऐसा ही राहत सामग्री का सामान बांटने के लिए पहुंचा था। संगरूर जिले का यह गांव समाना विधानसभा हलके के बिल्कुल पास पड़ता है जिस कारण उक्त गांव में बांटने के लिए आए थे की थैलियों में से बड़ी गिनती में आटे की थैलियां समाना शहर की एक आटे की चक्की (atta chaki) पर बिकने के लिए पहुंच गई। जब यह आटे की थैलियां बिकने के लिए समाना शहर की चक्की में पहुंची तो उसके पीछे पीछे एक अनजान व्यक्ति भी पहुंच गया जिसने कि तुरंत इस मामले की सूचना समाना पुलिस को दे डाली। समाना पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए समय लगाने की जगह तुरंत आटे की चक्की (atta chaki) पर पहुंचते हुए आटा बेचने वाले व आटा खरीदने वाले को रंगे हाथों पकड़ते हुए पूछ पड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान दोनों को पुलिस थाने में ले जाया गया। जैसे ही यह मामला उजागर हुआ तो इनके पीछे पीछे कई बड़े लोग भी पुलिस थाने में पहुंच गए तो कुछ के फोन की घंटियां बजने लगी जिसके पश्चात इन दोनों को पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया। इस मामले की सच्चाई का अभी तक पता नहीं लग पाया है कि आखिरकार पुलिस ने इनको क्यों छोड़ा है या फिर यह मामला ही कुछ और है।

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Rajesh Sachdeva

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Author at The State Headlines.

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