पंजाब

उपप्रधान का अस्तिफा, प्रेस गैलरी कमेटी को भंग करने की मांग

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-- बजट सेशन में मीडिया को लेकर निभा नही पाई अच्छी भूमिका, प्रधान व सेक्रेटरी पर दोष

-- एक मीडिया संस्थान को जाना पड़ा हाई कोर्ट तो दर्जनों पत्रकारों को आई पास की परेशानी

-- अश्वनी चावला बोले, अस्तिफा देना मंजूर, सिद्धान्तों से समझौता नही

दी स्टेट हेडलाइन्स

चंडीगढ़।

पंजाब के बजट सेशन के दौरान प्रेस गैलरी कमेटी उप प्रधान अश्विनी चावला की तरफ से अपना इस्तीफा दे दिया गया है। उपप्रधानमंत्री अश्वनी चावला ना सिर्फ अपना अस्तिफा दिया है बल्कि कमेटी के प्रधान जै सिंह छिब्बर व सेक्रेटरी गुरउपदेश भुल्लर पर मीडिया पास को लेकर मीडिया में भेदभाव करने का दोष लगाया है। उप प्रधान अश्वनी चावला के द्वारा विधानसभा के स्पीकर से मांग भी की गई है कि वह कमेटी को भंग करते हुए नए सिरे से चुनाव करवाएं ताकि मौजूदा टीम की तरफ से किए जा रहे धक्के बाजी को रोका जा सके।

अश्विनी चावला के इस्तीफे के अनुसार विधानसभा में फैशन के दरमियान मीडिया को किसी भी तरह की परेशानी ना आए इसके लिए प्रेस गैलरी कमेटी का गठन किया जाता है। इस प्रेस गैलरी में प्रधान, उप प्रधान व सेक्रेटरी की पोस्ट पर चुनाव होता है, जबकि विधानसभा की अन्य कमेटियों के चेयरमैन को स्पीकर खुद नियुक्त करते हैं। अश्विनी चावला के अतिथि के अनुसार बजट सेशन के दौरान पत्रकारों को अपने पास को लेकर ही काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मामले को लेकर कमेटी के बीच विरोध किया बल्कि कुछ पत्रकारों के फार्म पर भी दस्तखत किए परंतु इसके बावजूद भी प्रधान व सेक्रेटरी ने उनकी एक भी नहीं चलने दी।

मीडिया को आ रही परेशानी को देखते हुए अश्वनी चावला की तरफ से उपप्रधान की पोस्ट से अपना इस्तीफा देते हुए कमेटी को भंग करने व दोबारा चुनाव करने की मांग की ताकि तानाशाही अहुदेदार की जगह अच्छे पत्रकार इसका हिस्सा बन सकें।

अब इस मामले में विधानसभा के स्पीकर को फैसला लेना है कि कमेटी को भंग करना है या फिर इसी कमेटी को आगे कंटिन्यू रखना है

Rajesh Sachdeva

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Author at The State Headlines.

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