चंडीगढ़, 23 अप्रैल (ध्रुव)। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा चलाया जा रहा War Against Drugs अभियान अब तेज और असरदार होता नजर आ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में बड़ा इजाफा हुआ है और नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है।
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा, “यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है। मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है। सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है।”
उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।
हालांकि जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।
NDPS मामलों और गिरफ्तारियों में बड़ा उछाल
2022 से 2026 तक अब तक NDPS Act के तहत 73,541 मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40% से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं।
- गिरफ्तारियां: 68,064 से बढ़कर 98,596
- कार्रवाई: राज्यभर में लगातार अभियान
यह आंकड़े दिखाते हैं कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब ज्यादा सक्रिय और आक्रामक तरीके से काम कर रही हैं।
War Against Drugs : ड्रग्स जब्ती में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नशा तस्करी पर लगाम कसने के लिए बड़े स्तर पर बरामदगी की गई है:
- हेरोइन: 148% वृद्धि (5,979 किलोग्राम)
- अफीम: 43% वृद्धि (3,583 किलोग्राम)
- ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथ): 447% उछाल (93 किलोग्राम)
- कोकीन: 6,064 किलोग्राम जब्त
इन आंकड़ों से साफ है कि सप्लाई चेन पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।
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