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Bacteria : मांस खाने वाला बैक्टीरिया खा रहा है लोगों को

— खाने व घाव के जरिए शरीर के अंदर जा रहा है यह Bacteria

मांस खाने वाला बैक्टीरिया (Bacteria) लोगों के शरीर के अंदर जाकर ना सिर्फ लोगों को खा रहा है बल्कि एक से दूसरी जगह फैलने के साथ-साथ अब इसका बड़े स्तर पर खतरा नजर आ रहा है। हालांकि अभी तक इस के मामले में केस अमेरिका में ही देखने को मिल रहे हैं l जिसके चलते अमेरिका सरकार द्वारा समुंदर में तैरने और कच्चे सीफूड को खाने पर पाबंदी लगा दी है क्योंकि इनके जरिए भी यह खासतौर का बैक्टीरिया शरीर में जाकर आम लोगों को अपना शिकार बना सकता है। 

अमेरिका के दो राज्य कनेक्टिकट और न्यूयॉर्क मैं अभी तक इसी बैक्टीरिया (Bacteria)के चलते तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोगों के इसकी चपेट में आने की खबर मिल रही है। 

यह बैक्टीरिया काफी खतरनाक तो है परंतु इसका इलाज भी किया जा सकता है। जिसके चलते ही 5 लोगों में से एक व्यक्ति की ही अभी तक मौत होने की संभावना नजर आ रही है। अभी तक रिसर्च हुए केसों में 5 में से एक कि मौत हुई है। 

आखिर क्या है यह मांस खाने वाला बैक्टीरिया (Virus)

मांस खाने वाले बैक्टीरिया (Bacteria) को नैक्रोटाइजिंग फासिसाईटिस कहां जाता है। कुछ साइंटिस्ट इसको विब्रियो वलनिफिक्स बैक्टीरिया के नाम से भी नाम से भी पुकारते हैं क्योंकि इसी संक्रमण के चलते ऐसा बैक्टीरिया पैदा होता है। यह बैक्टीरिया इंसानी शरीर में किसी जख्म या फिर कटी फटी त्वचा को ढूंढ कर शरीर के अंदर घुस जाता है। जिसके पश्चात यह व्यक्ति दिया शरीर के अंदर की कोशिकाएं और टिशू को अपना शिकार बनाते हुए खाना शुरू कर जाता है। हमारे शरीर में टिशू ही अलग-अलग अंग बनाते हैं। इन टिशु और अंगों को यह बैक्टीरिया खाना शुरू कर देता है । इसके साथ ही यह शरीर में तेजी से फैलता है और अपनी संख्या बड़े स्तर पर बड़ा लेता है।

यह बैक्टीरिया आमतौर पर अमेरिका के समुद्री पानी में ही पाया जाता है और पानी गर्म होने के पश्चात इसकी संख्या बढ़ जाती है । इसी के चलते अमेरिका मेडिकल एसोसिएशन जनरल के मुताबिक जब भी इन दिनों इंसान समुंदर के किनारे नहाने के लिए उतरते हैं तो यह बैक्टीरिया उनके अंदर चला जाता है । जिसके पश्चात यह धीरे-धीरे उन्हें अपना शिकार बनाना शुरू कर देता है।

यह बैक्टीरिया काफी ज्यादा खतरनाक होता है और शरीर में घुसने के पश्चात कोशिकाओं को खाने के साथ-साथ खून सेल्स को भी खाना शुरु कर देता है । जिसके चलते हैं खून एक जगह से दूसरी जगह जाना बंद हो जाता है और इंसान मौत का शिकार हो जाता है या फिर इंसान के शरीर में खून की कमी देखने को मिलती है।

भारत में कितना खतरनाक हो सकता है यह बैक्टीरिया

भारत में अभी तक सी फूड खाने का ज्यादा चलन नहीं था परंतु धीरे-धीरे समुद्री इलाके और इस तरफ घूमने जाने वाले लोग सीफूड को खाने लगे हैं । जिस कारण ही इस तरह के बैक्टीरिया का भारत में हमला होने की बात से नकारा नहीं जा सकता है परंतु भारत में सीफूड को कच्चा खाने की जगह पकाकर खाया जाता है जिस कारण भारत में इस बैक्टीरिया के फैलने की संभावनाएं काफी ज्यादा कम नजर आ रहे हैं।

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