पंजाब

Chief Minister Health Scheme : जन्मी नवजात ने जीती जिंदगी की जंग

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Chief Minister Health Scheme Newborn Baby Wins Battle for Life
Chief Minister Health Scheme Newborn Baby Wins Battle for Life

33 महीने की गंभीर हालत में नवजात बच्ची ने जीवन की जीती जंग

चंडीगढ़/बठिंडा, 26 अप्रैल (ध्रुव)। पंजाब में Chief Minister Health Scheme के तहत एक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां गंभीर हालत में जन्मी एक नवजात बच्ची ने जीवन की जंग जीत ली। इस घटना ने जहां डॉक्टरों की चिंता को उम्मीद में बदला, वहीं सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की अहमियत को भी उजागर किया।

बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित अग्रवाल अस्पताल में जन्मी यह बच्ची महज 33 सप्ताह (प्रीमैच्योर) में पैदा हुई। उसका वजन केवल 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य से काफी कम था। जन्म के तुरंत बाद ही उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी।

एनआईसीयू में 17 दिन की जंग

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरिंदर अग्रवाल और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए नवजात को एनआईसीयू (NICU) में भर्ती किया।

  • 10 दिन तक CPAP सपोर्ट
  • 4 दिन तक ऑक्सीजन सपोर्ट
  • पीलिया के इलाज के लिए फोटोथेरेपी
  • कंगारू मदर केयर के जरिए पोषण

लगातार 17 दिनों तक निगरानी और इलाज के बाद बच्ची की हालत में सुधार आने लगा। धीरे-धीरे उसकी सांस सामान्य हुई और शरीर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देना शुरू किया।

Chief Minister Health Scheme की कैशलेस इलाज बना सहारा

इस पूरे इलाज का खर्च Chief Minister Health Scheme के तहत पूरी तरह कैशलेस रहा। इससे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और डॉक्टर पूरी तरह इलाज पर ध्यान केंद्रित कर सके। इलाज के बाद बच्ची का वजन बढ़कर 2.106 किलोग्राम हो गया और उसे स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

एक और परिवार को मिला लाभ

होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने भी योजना का लाभ मिलने का अनुभव साझा किया। उनकी नवजात बेटी गुरकीरत कौर का इलाज भी इसी योजना के तहत हुआ, जिसमें पूरा खर्च कवर हुआ।अब उनके परिवार को हर साल Chief Minister Health Scheme में 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।

Chief Minister Health Scheme से उम्मीद से भरी खामोशी

पंजाब के एनआईसीयू वार्ड्स में जहां पहले सन्नाटा डर पैदा करता था, अब वही खामोशी उम्मीद की प्रतीक बन रही है। हर बीतते दिन के साथ मजबूत होती नन्ही धड़कनें इस बात का संकेत हैं कि सही समय पर इलाज और सरकारी सहायता मिल जाए, तो जिंदगी की सबसे मुश्किल लड़ाई भी जीती जा सकती है।

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Rajesh Sachdeva

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