Flood Safety को लेकर सख्त हुए CM, जल्दी काम पूरा करने के निर्देश
सभी डिप्टी कमिश्नरों को Flood Safety के निर्देश, सभी तय समय से पहले पूरे किए जाएं कार्य
चंडीगढ़, 25 अप्रैल (ध्रुव)। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए Bhagwant Singh Mann ने राज्यभर में Flood Safety तैयारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ से बचाव से जुड़े सभी कार्य तय समय से पहले पूरे किए जाएं और किसी भी तरह की लापरवाही पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
Flood Safety पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नालों, ड्रेनों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत सफाई, गाद निकालने (डी-सिल्टिंग) और मजबूती के कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में Sant Balbir Singh Seechewal भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के लिए बाढ़ सुरक्षा का एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया और कहा कि सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ तालमेल बनाकर नदियों और ड्रेनों की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों की जल्द सफाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गिद्दड़पिंडी रेलवे पुल समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की जल्द सफाई के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने साफ कहा कि मानसून के दौरान लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर अधिकारी को इस दिशा में जिम्मेदारी से काम करना होगा।
लुधियाना के Buddha Nala की सफाई पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नाले के पानी को शहर के शुरुआती हिस्से तक साफ किया जा चुका है और आगे का काम जारी है। उन्होंने डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट को नालों में डालने पर सख्ती से रोक लगाने और नगर निगम को उसके उचित निस्तारण के निर्देश दिए।
बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने हेबोवाल में सीबीजी प्लांट को जल्द शुरू करने और ताजपुर में प्रस्तावित प्लांट के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही औद्योगिक गंदे पानी के उपचार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रदूषण कम करने के लिए बिस्त दोआब नहर से अतिरिक्त पानी छोड़ने के दिए निर्देश
जल प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के तहत मुख्यमंत्री ने चिट्टी वेईं में पानी छोड़ने, सिम्बली में रेगुलेटर चालू करने और काला संघियां ड्रेन में प्रदूषण कम करने के लिए बिस्त दोआब नहर से अतिरिक्त पानी छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्टोन लाइनिंग का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने डेयरी अपशिष्ट को नालों में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अलावा सतलुज नदी पर धुसी बांध सड़क परियोजना को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की बात भी कही, जिसे नाबार्ड के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जालंधर और लुधियाना के उपायुक्तों के साथ विशेष बैठक कर बाढ़ सुरक्षा और सफाई कार्यों की समीक्षा की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर बड़े सुधार देखने को मिलेंगे और राज्य सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।
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