पंजाब

Ajnala को बाढ़ से बचाने के लिए उज नदी पर डैम की मांग

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Demand for a dam on the Ujh River to protect Ajnala from floods
Demand for a dam on the Ujh River to protect Ajnala from floods

चंडीगढ़, 18 अगस्त (ध्रुव)। Ajnala विधानसभा क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। धालीवाल के साथ अजनाला विधानसभा क्षेत्र के सरपंच, चेयरमैन और जिला परिषद सदस्य भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में धालीवाल ने कहा कि उन्होंने अजनाला के लोगों का दर्द राज्यपाल के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि रावी और उज नदियों का पानी हर साल Ajnala क्षेत्र में भारी तबाही मचाता है, जिससे किसानों की फसलें, सड़कें और उपजाऊ जमीन प्रभावित होती हैं।

Ajnala : उज नदी पर डैम को बताया स्थायी समाधान

धालीवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से आने वाली उज नदी का पानी पठानकोट, सुजानपुर, दीनानगर, गुरदासपुर और डेरा बाबा नानक से गुजरते हुए अजनाला क्षेत्र तक पहुंचता है। बाढ़ के दौरान बड़ी मात्रा में पानी खेतों और रिहायशी इलाकों को प्रभावित करता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा भी क्षतिग्रस्त होता है।

उन्होंने केंद्र सरकार की उज नदी पर डैम बनाने की प्रस्तावित योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह परियोजना पिछले 10-12 वर्षों से लंबित है। उन्होंने राज्यपाल से अपील की कि इस मामले को प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के समक्ष मजबूती से उठाया जाए और डैम का निर्माण जल्द पूरा करवाया जाए।

बाढ़ नियंत्रण के साथ बिजली और सिंचाई को भी फायदा

विधायक ने कहा कि उज डैम बनने से केवल अजनाला और आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से राहत नहीं मिलेगी, बल्कि बिजली उत्पादन और सिंचाई सुविधाओं का भी विस्तार हो सकता है। उनके मुताबिक, सिंचाई के लिए नहरों का निर्माण होने से किसानों को फायदा होगा और सीमा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

धालीवाल ने कहा कि लगातार बाढ़ के खतरे के कारण इलाके में उद्योग लगाने से भी निवेशक पीछे हटते हैं। यदि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो जाए तो अजनाला और आसपास के बॉर्डर एरिया में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

‘विकसित भारत’ के लिए बॉर्डर एरिया का विकास जरूरी

धालीवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करना चाहती है तो बड़े शहरों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि बॉर्डर एरिया की अनदेखी से देश का समग्र विकास अधूरा रहेगा।

विधायक ने प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपये के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि यह राशि अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने सरकार से प्रभावित लोगों को राहत राशि जल्द उपलब्ध करवाने की मांग की।

Ajnala : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मुलाकात का भरोसा

धालीवाल के मुताबिक, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिया कि जल्द ही प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ बैठक करवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उज डैम और अजनाला की बाढ़ समस्या से जुड़े मुद्दे को आगे बढ़ाया जा सके।

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Rajesh Sachdeva

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