Sangrur में कांग्रेस को झटका, कई नेता और कार्यकर्ता आप में शामिल
चंडीगढ़, 17 अगस्त (ध्रुव)। Sangrur में कांग्रेस को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व पदाधिकारियों, चुने हुए प्रतिनिधियों और सामाजिक हस्तियों ने आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया। आप के पंजाब प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और पंजाब आप के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू की मौजूदगी में इन नेताओं ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
आप में शामिल होने वालों में सनमीक सिंह हेनरी, प्रभ नूर सिद्धू, एडवोकेट रजनीश गुप्ता, गुरसेवक सिंह, लखविंदर सिंह, मंदीप सिंह, वीर सिंह, सुखविंदर सिंह, रोहित कुमार सिंगला, रॉकी गर्ग, डॉ. बलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और सुखपाल शर्मा Sangrur समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं।
सिसोदिया बोले - पंजाब से प्यार करने वाले नेता ‘आप’ को उम्मीद की किरण मान रहे
नए सदस्यों का स्वागत करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब से सच्चा प्यार करने वाले दूसरी पार्टियों के नेता अब आम आदमी पार्टी को उम्मीद की किरण के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए संगठन के पौधे को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले वर्षों में आगे बढ़ाया है और आज पंजाब में इसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
सिसोदिया ने दावा किया कि किसानों के लिए खेती का पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मुफ्त बिजली तथा महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसी पहलों के कारण आप के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की तरक्की से प्रभावित होकर दूसरी पार्टियों के नेता भी आप से जुड़ रहे हैं।
कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं ने बताई वजह
आप में शामिल हुए सनमीक सिंह हेनरी ने कहा कि वे और उनके साथ आए कई नेता लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही थी और उनके योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था।
हेनरी ने कहा कि वे ऐसी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा बनना चाहते थे, जहां कार्यकर्ताओं की मेहनत की कद्र हो और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने आम आदमी पार्टी को ऐसा मंच बताया, जहां जमीनी कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को महत्व दिया जाता है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा के कथित बयान का जिक्र किया और कहा कि एक परिवार को कई टिकट देने की चर्चा के बीच दशकों से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
Sangrur की सियासत में बढ़ सकती है हलचल
एक साथ कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के आप में शामिल होने से संगरूर की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। खासकर विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच संगठन को मजबूत करने की कवायद के बीच यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इन नेताओं के आप में शामिल होने का स्थानीय चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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