4 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा
एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 20 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को Mukhmantri Sehat Bima के तहत 1.26 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य कार्डों के वितरण की शुरुआत की। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन कार्डों के माध्यम से राज्य के करीब 54 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 7 लाख से अधिक मरीजों के इलाज पर 1,310 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मोहाली में आयोजित कार्ड वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी किसी भी सामान्य परिवार को आर्थिक संकट में डाल सकती है। ऐसे में सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाज के खर्च के कारण किसी परिवार को कर्ज लेने, संपत्ति बेचने या उपचार टालने की स्थिति का सामना न करना पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री सेहत योजना को बिना शर्त और पूरी तरह नि:शुल्क स्वास्थ्य देखभाल योजना बताते हुए कहा कि इसके तहत लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
भगवंत मान ने कहा कि लोग अपनी पसंद के सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज (Mukhmantri Sehat Bima) करवा सकते हैं। उनके अनुसार, योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि परिवारों को बीमारी के साथ आने वाले आर्थिक दबाव से भी बचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए।
Mukhmantri Sehat Bima : 1,100 आम आदमी क्लीनिकों का नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने आम आदमी क्लीनिकों को पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 1,100 आम आदमी क्लीनिकों का नेटवर्क काम कर रहा है और इनमें लगभग 5.5 करोड़ बाह्य रोगी विभाग की सेवाएं दर्ज की जा चुकी हैं। उनके अनुसार, इन क्लीनिकों के माध्यम से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के घरों के नजदीक पहुंची हैं, जिससे सामान्य परिवारों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को ऐसा राज्य बनाना है, जहां लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’, मुफ्त बस यात्रा, निजी स्कूलों की फीस के नियमन और ‘मेरी रसोई योजना’ सहित विभिन्न सरकारी पहलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन योजनाओं से परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकारी आकलन के मुताबिक कुछ परिवारों को योजनाओं के माध्यम से सालाना 1.82 लाख रुपये तक का लाभ मिल रहा है, जबकि कुछ परिवारों के लिए यह लाभ 2.72 लाख रुपये तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत तीन महीने की किस्त 1 अक्टूबर को जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लोगों तक जमीनी स्तर पर पहुंचे।
पंजाब के बनते फंड रोके जाने के बावजूद जनकल्याणकारी कार्य जारी
कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने पिछली सरकारों और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों ने योजनाओं में ऐसी शर्तें लगा रखी थीं, जिनके कारण आम लोग लाभ से वंचित रह जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की ओर से पंजाब के बनते फंड रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जारी रखा है। उन्होंने सरकारी संसाधनों के उचित इस्तेमाल और वित्तीय लीकेज रोकने का भी दावा किया।
कर्मचारियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने वादों और कर्मचारियों के बनते बकायों की अदायगी को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली का तोहफा देने की घोषणा भी की, हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी समारोह में नहीं दी गई।
शिक्षा और खेलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में पहले 27वें स्थान से आगे बढ़कर देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के माध्यम से राज्य की खेल संस्कृति को मजबूत करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेलों में अवसर उपलब्ध करवाना तथा परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
भगवंत मान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा पंजाब बनाना है, जहां लोग स्वस्थ, शिक्षित और खुशहाल जीवन जी सकें तथा युवाओं को अपने भविष्य के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी न हो। उन्होंने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में काम जारी रखेगी।
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