Pilgrimage Scheme : 5.10 लाख श्रद्धालुओं ने किए धार्मिक स्थलों के दर्शन
95 एसी बसों ने लगाए 12,485 फेरे
चंडीगढ़, 17 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री Pilgrimage Scheme के तहत अब तक 5,10,807 श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जा चुकी है। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि योजना के तहत इस समय 95 एसी बसें संचालित की जा रही हैं और अब तक इन बसों के 12,485 फेरे पूरे हो चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि Pilgrimage Scheme का उद्देश्य विशेष रूप से ऐसे बुजुर्ग श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने की सुविधा देना है, जो तीर्थ यात्रा करना चाहते हैं लेकिन यात्रा का खर्च या अन्य व्यवस्थाएं उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। योजना के तहत पात्र श्रद्धालुओं को यात्रा के साथ आवास और भोजन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौंद ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ की शुरुआत 9 नवंबर 2025 को हुई थी। पहले चरण में करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी के दर्शन किए।
योजना के विस्तार के बाद अब धार्मिक स्थलों की सूची भी बढ़ाई गई है। मंत्री के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को योजना का विस्तार करते हुए श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन को भी इसमें शामिल किया गया।
Pilgrimage Scheme का लाभ 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र श्रद्धालु
सौंद ने बताया कि योजना का लाभ 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र श्रद्धालु उठा सकते हैं। पंजाब सरकार की ओर से पात्र लोगों को एसी स्लीपर बस से मुफ्त यात्रा के साथ आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रत्येक बस में सहायक कर्मचारियों के साथ चिकित्सा कर्मियों की टीम तैनात की गई है। अलग-अलग पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष टीमें मौजूद रहती हैं।
मंत्री के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए वातानुकूलित आवास की व्यवस्था की जाती है, जहां साफ-सफाई और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है। यात्रा के दौरान भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
सौंद ने कहा कि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और संतुष्टि देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरी हो तथा श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद खुशी-खुशी अपने घर लौटें। उन्होंने बताया कि यात्रा पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ स्मृति के तौर पर पीतल का गिलास भी दिया जाएगा।
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