विधायकों की शिकायतों पर लिया कड़ा संज्ञान, शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार व प्रोटोकॉल की पालना करने के निर्देश
Haryana Vidhan Sabha Speaker द्वारा जारी किये गये निर्देश
चंडीगढ़, 17 फरवरी। हरियाणा विधान सभा (Haryana Vidhan Sabha Speaker) अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मंगलवार को विधान सभा सचिवालय में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विधायकों की ओर से प्राप्त उन शिकायतों पर भी कड़ा संज्ञान लिया है, जिनमें कुछ सरकारी अधिकारियों पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ संतोषजनक एवं अपेक्षित शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
विस अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ शासकीय कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया, मर्यादा और पारस्परिक सम्मान का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और विधायकों के बीच आधिकारिक व्यवहार के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से अपेक्षा की गई है कि अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ विनम्र, समयबद्ध और उत्तरदायी व्यवहार किया जाए। उनके पत्रों, सुझावों और संदर्भों पर नियमानुसार प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए तथा संवाद की प्रक्रिया पारदर्शी और सम्मानजनक होनी चाहिए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कुछ विधायकों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अलोकतांत्रिक भाषा का इस्तेमाल करने की बात भी विस अध्यक्ष के संज्ञान में डाली।
जनप्रतिनिधियों के लिए भी नैतिक आचरण के मानदंड निर्धारित किए गए : Haryana Vidhan Sabha Speaker
इस पर विधान सभा अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि लोक सभा की विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट में जनप्रतिनिधियों के लिए भी नैतिक आचरण के मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन मानकों के अनुसार जनप्रतिनिधियों को भी प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचते हुए तथा नियमों एवं प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शुचिता बनाए रखने की आवश्यकता है।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुदृढ़ता के लिए आवश्यक है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन मर्यादा और उत्तरदायित्व के साथ करें। दोनों की परस्पर महत्वपूर्ण भूमिका है तथा ये लोकतांत्रिक व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक और नियमानुसार व्यवहार सुनिश्चित किया जा सके तथा भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।