पंजाब

₹1 लाख दिए तो सवाल क्यों न उठे? बलतेज पन्नू का धामी पर हमला, बोले- सवाल करना SGPC पर हमला नहीं

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चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। बहरीन की महिला से जुड़े मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के बयानों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी का सम्मान सभी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन संस्था के कामकाज और उसके संसाधनों को लेकर सवाल पूछना संस्था पर हमला नहीं है।

पन्नू ने कहा कि यदि बहरीन की महिला को एसजीपीसी की ओर से एक लाख रुपये दिए गए हैं तो इस पर सवाल क्यों नहीं उठना चाहिए। उन्होंने पूछा कि यह पैसा किस आधार पर दिया गया, किसने मंजूरी दी और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई।

उन्होंने कहा कि धामी की ओर से महिला को एसजीपीसी की सराय में कई बार कमरा दिए जाने की बात सामने आ रही है। पन्नू ने सवाल किया कि क्या एसजीपीसी को यह पता नहीं था कि कमरों में कौन-कौन लोग ठहरे?

7 बार कमरा दिया तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

बलतेज पन्नू ने कहा कि आज हरजिंदर सिंह धामी यह मान रहे हैं कि महिला को सात बार कमरा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह जानकारी संस्था के रिकॉर्ड में थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

पन्नू ने कहा कि अब इसे प्रारंभिक रिपोर्ट बताया जा रहा है और इस्तीफे की मांग पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि जब मामला सामने आया था तब कार्रवाई क्यों नहीं की गई और चुप्पी क्यों साधी गई?

‘मैं कोई जांच एजेंसी नहीं चला रहा’, धामी के बयान पर पन्नू का पलटवार

पन्नू ने धामी के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें कथित तौर पर उन्होंने कहा कि वह कोई जांच एजेंसी नहीं चला रहे हैं।

पन्नू ने कहा कि यदि एसजीपीसी ने तथ्य खोज कमेटी बनाई है तो फिर सवालों के जवाब भी देने होंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया सवाल पूछ रहा है और सवाल पूछने पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती।

पन्नू ने कहा, “क्या अब सवाल पूछने पर भी पाबंदी लगवा देंगे कि कोई सवाल ही न पूछे?”

₹1 लाख की मदद पर भी उठाया सवाल

बलतेज पन्नू ने कहा कि कैंसर पीड़ितों को आर्थिक मदद देने के मामलों में भी एसजीपीसी की ओर से तय प्रक्रिया होती है। ऐसे में किसी व्यक्ति को एक लाख रुपये दिए गए हैं तो यह भी बताया जाना चाहिए कि इसके लिए किसकी सिफारिश थी और किस अधिकारी ने मंजूरी दी।

उन्होंने सवाल किया कि “ऐसे ही एक लाख रुपये कैसे दे दिए गए? इसके लिए कोई प्रक्रिया तो होगी।”

क्या महिला को मानसिक रूप से बीमार बताकर मुद्दा बदलने की कोशिश?

बलतेज पन्नू ने महिला की मानसिक स्थिति से जुड़े कथित बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अब महिला को ही मानसिक रूप से अस्वस्थ बताने की दिशा में बात ले जाई जा रही है।

पन्नू ने सवाल किया कि यदि महिला ने इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी थी तो उसकी ओर से दिया गया आवेदन सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता?

उन्होंने महिला को उपलब्ध कराई गई गाड़ियों का पूरा विवरण भी सार्वजनिक करने की मांग की। पन्नू के अनुसार, वाहन अलग-अलग नामों और अधिकारियों के नाम पर उपलब्ध कराए जाने के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।

तथ्य खोज कमेटी पर पन्नू के सवाल- क्या सभी के बयान लिए गए?

पन्नू ने एसजीपीसी की तथ्य खोज कमेटी की जांच पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि क्या कमेटी ने इस मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं? क्या यह जांच की गई कि महिला के साथ कौन-कौन लोग रहे? उसे कमरे किसके निर्देश पर दिए गए और वाहनों की व्यवस्था किसने करवाई?

पन्नू ने यह भी सवाल उठाया कि यदि ड्राइवर का नाम सामने आया है तो फिर वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर अलग-अलग दावे क्यों किए जा रहे हैं।

उन्होंने पूछा कि क्या केवल एक मैनेजर पर कार्रवाई करके पूरे मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है?

बिक्रम मजीठिया को पन्नू का पलटवार- ‘तू बता, दो बार जेल क्यों गया?’

बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा बलतेज पन्नू पर किए गए सवालों के जवाब में पन्नू ने भी पलटवार किया।

पन्नू ने कहा कि उनसे पूछा जा रहा है कि वह जेल क्यों गए थे। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में वह जेल गए, उनमें उन्हें बाद में राहत मिली। इसके बाद पन्नू ने मजीठिया से उनके खिलाफ दर्ज मामलों और जेल जाने को लेकर सवाल किया।

पन्नू ने कहा कि “तू बता कि तू दो बार जेल क्यों गया था?”

उन्होंने मजीठिया के खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी कानूनी स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में भी अंतिम निर्णय अदालतों से होना है।

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Rajesh Sachdeva

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