फिरोजपुर, 10 मई :
India Pakistan Border पर बनी संवेदनशील स्थिति के मौके पर सीमावर्ती जिलों के लोगों के साथ खड़े रहने की Punjab CM Bhagwant Singh Mann की प्रतिबद्धता के तहत दो कैबिनेट मंत्रियों Gurmeet Singh Khudian और Hardeep Singh Mundian ने आज जिला फिरोजपुर का दौरा करके सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात का जायजा लिया। कैबिनेट मंत्रियों द्वारा कल रात India Pakistan Drone War के दौरान गांव खाई फेमे की के घायल हुए लोगों से स्थानीय अस्पताल में पहुंचकर बातचीत की गई और हाल चाल पूछा गया। उन्होंने घायलों और उनके परिवारिक सदस्यों को सरकार और प्रशासन से पूरी सहायता का भरोसा दिया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान कैबिनेट मंत्रियों ने अस्पताल के डॉक्टरों, स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करके स्थिति का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध दवाओं, डॉक्टरों और अन्य जरूरी सुविधाओं का अग्रिम प्रबंध और स्टॉक रखने के लिए कहा ताकि किसी भी किस्म की हंगामी स्थिति या इमरजेंसी के दौरान दिक्कत न आए।
कैबिनेट मंत्रियों ने फिरोजपुर वासियों से अपील की कि वे इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करें ताकि वे सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सिविल और पुलिस प्रशासन लोगों की सुरक्षा के लिए लगातार सलाहकारियां जारी कर रहा है और विभिन्न माध्यमों के जरिए लोगों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी ब्लैकआउट का पूरी सख्ती से पालन करना सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि पंजाब राज्य अपने देश और देश की सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। पंजाब सरकार और जिला प्रशासन ऐसी नाजुक स्थिति में जिला वासियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान खुद भी स्थिति पर पूरी नजर रख रहे हैं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घड़ी में आपसी सहयोग और भाईचारा बना कर रखना बहुत जरूरी होता है।
इस मौके पर विधायक रणबीर सिंह भुल्लर, रजनीश दहिया, फौजा सिंह सरारी और नरेश कटारिया, एस. एस. पी. भूपिंदर सिंह सिद्धू, एस.डी.एम. जीरा गुरमीत सिंह समेत सिविल और पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी हाजिर थे।