Ministry of Corporate Affairs ने चण्डीगढ़ में खोला रीजनल डायरेक्टरेट
आरसी मिश्रा व संजय वर्मा ने संभाला कार्यभार
चण्डीगढ़ : भारत सरकार के Ministry of Corporate Affairs द्वारा आज शहर में रीजनल डायरेक्टर (नॉर्दर्न रीजन–2) कार्यालय तथा हरियाणा के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (आरओसी) कार्यालय का औपचारिक शुभारंभ किया गया। मंत्रालय द्वारा आरसी मिश्रा को नॉर्दर्न रीजन–2, चंडीगढ़ के प्रथम रीजनल डायरेक्टर के रूप में तथा संजय वर्मा को हरियाणा के प्रथम रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ के रूप में नियुक्त किया गया है। Ministry of Corporate Affairs के कार्यालय ज्ञापन एवं राजपत्र अधिसूचना के अनुसार दोनों कार्यालय विधिवत कार्यरत हो गए हैं।
उद्घाटन समारोह का संचालन (Ministry of Corporate Affairs) नव-नियुक्त रीजनल डायरेक्टर ( एनआर–2) आरसी मिश्रा द्वारा किया गया। यह पहल कॉर्पोरेट प्रशासन के विकेन्द्रीकरण तथा उत्तर भारत में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मिश्रा ने कहा कि चंडीगढ़ में रीजनल डायरेक्टोरेट की स्थापना उत्तर भारत में अधिक जवाबदेह, पारदर्शी एवं प्रभावी कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि विभाग का मुख्य फोकस विधिक मामलों के समयबद्ध निपटान, नियामकीय व्याख्याओं में एकरूपता तथा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पूरे क्षेत्र में हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नया कार्यालय सुदृढ़ नियामकीय व्यवस्था बनाए रखते हुए सहायक एवं समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाएगा।
Ministry of Corporate Affairs : पेशेवरों को नियामकीय प्रक्रियाओं तक सीधी मिलेगी पहुंच
हरियाणा के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ संजय वर्मा ने कहा कि आरओसी, हरियाणा कार्यालय के संचालन से राज्य में कॉर्पोरेट सेवाएं अधिक सरल, सुलभ एवं त्वरित होंगी। कंपनियों और पेशेवरों को नियामकीय प्रक्रियाओं तक सीधी पहुंच मिलेगी, ई-फॉर्म एवं आवश्यक फाइलिंग का निष्पादन शीघ्र होगा तथा अनुपालन, निगरानी और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने समाधान-आधारित अनुपालन प्रणाली को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर पंजाब एवं चंडीगढ़ के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ अनुपम वाशिष्ठ ने कहा कि चंडीगढ़ में रीजनल डायरेक्टर ( एन्आर–2) एवं आरओसी, हरियाणा कार्यालयों के प्रारंभ होने से मंत्रालय की क्षेत्रीय संरचना सुदृढ़ होगी। इससे विभागीय समन्वय बेहतर होगा, लंबित मामलों में कमी आएगी तथा हितधारकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध होंगी।
नए कार्यालय पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के हितधारकों को सेवाएं प्रदान करेंगे। फास्ट-ट्रैक मर्जर, रजिस्टर्ड ऑफिस शिफ्टिंग, कंपनी कन्वर्ज़न, अपील एवं अन्य वैधानिक अनुमोदनों से संबंधित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की अपेक्षा है। यह पहल उत्तर भारत में कॉर्पोरेट पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा दक्ष बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।