मोहाली में 29 करोड़ रुपये से बनेगा Neuron 2.0 incubation center
Incubation center : 50 स्टार्टअप्स और 2,000 प्रोफेशनल्स को मिलेगा फायदा
चंडीगढ़, 19 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब को टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमिता का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ मोहाली में ‘स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 Incubation center स्थापित करने के लिए समझौता किया है। इस परियोजना पर कुल 29 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
Incubation center खास तौर पर साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स पर फोकस करेगा। पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा की मौजूदगी में उद्योग भवन में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते पर निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य-सह-पंजाब स्टार्टअप नोडल अधिकारी जसप्रीत सिंह और STPI के निदेशक शैलेंद्र के. त्यागी ने हस्ताक्षर किए।
Incubation center : पंजाब सरकार देगी 12 करोड़, STPI लगाएगा 17 करोड़
मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने परियोजना के लिए 12 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जबकि STPI की ओर से 17 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा।
इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में कम से कम 50 स्टार्टअप्स को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा उभरती टेक्नोलॉजी में 2,000 प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
AI, Data Analytics और Cyber Security पर रहेगा फोकस
‘न्यूरॉन 2.0’ में कई आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इनमें Artificial Intelligence (AI), Data Analytics, Internet of Things (IoT), Audio-Visual Graphics और Cyber Security प्रमुख हैं।
हब में एक विशेष Cyber Security Lab भी स्थापित की जाएगी, जहां नए उत्पादों के विकास और उनकी टेस्टिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार की योजना इस सेंटर को केवल स्टार्टअप इन्क्यूबेशन तक सीमित रखने की नहीं है। यहां मेंटोरिंग, एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट, प्रोडक्ट कमर्शियलाइजेशन और इंडस्ट्री कनेक्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
Incubation center : ‘न्यूरॉन 1.0’ से मिली सफलता
अमन अरोड़ा ने बताया कि ‘न्यूरॉन 2.0’ को पिछले ‘न्यूरॉन 1.0’ की सफलता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। न्यूरॉन 1.0 के तहत 114 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट किया गया, जबकि 158 प्रोडक्ट्स और 171 प्रोटोटाइप्स के विकास में मदद की गई।
इसके जरिए करीब 2,700 रोजगार पैदा हुए। वहीं, इस हब से इन्क्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स ने 251 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया और इनका कुल मूल्यांकन करीब 2,890 करोड़ रुपये रहा।
Hackathon और Bootcamp भी होंगे आयोजित
नए सेंटर का संचालन और प्रबंधन STPI करेगा। STPI साइबर सिक्योरिटी लैब के रखरखाव के साथ-साथ Hackathons, Bootcamps, Outreach Programmes और Investor Connect Events भी आयोजित करेगा।
स्किल डेवलपमेंट के लिए Foundation, Intermediate और Expert Level के प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
वहीं, Startup Punjab स्टार्टअप आउटरीच, मेंटरिंग और इकोसिस्टम डेवलपमेंट में सहयोग करेगा। हब को सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक संगठनों से जोड़ने का भी प्रावधान है।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
‘न्यूरॉन 2.0’ का लाभ केवल स्टार्टअप्स और प्रोफेशनल्स तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तथा कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि STPI के साथ यह साझेदारी पंजाब में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि साइबर सिक्योरिटी को मौजूदा टेक्नोलॉजी क्षेत्रों के साथ जोड़कर राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।
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