संगरूर-बरनाला में फसली अवशेष प्रबंधन तेज करने : Punjab Government
चंडीगढ़, 9 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन, बागवानी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया है। CII के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि Punjab Government राज्य को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने और कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने पर सरकार का विशेष फोकस है।
संगरूर और बरनाला में पराली प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को जरूरी बताया। उन्होंने स्थिरता, संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल, जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
भगवंत मान ने CII से मालवा क्षेत्र, विशेष रूप से संगरूर और बरनाला, में फसली अवशेष प्रबंधन से जुड़े प्रयासों को तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि धान की परमल किस्म की खेती वाले क्षेत्रों में किसानों को फसली अवशेषों के निपटारे के लिए व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करना होगा, ताकि फसली अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ और तकनीक आधारित समाधान विकसित किए जा सकें।
बागवानी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर जोर : Punjab Government
मुख्यमंत्री ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया। उन्होंने CII एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान ‘वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर’ के भारत दौरे को सुचारू बनाने के लिए CII को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
मान ने कहा कि कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान से पंजाब को लाभ मिलेगा और किसानों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकेंगे।
लुधियाना में मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
बैठक में लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MSTI) को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए CII को Punjab Government की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान स्थानीय उद्योग की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा और पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पंजाब के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
जालंधर में टेक्निकल टेक्सटाइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
भगवंत मान ने CII से जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला से लैस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल्स स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने रक्षा विनिर्माण उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इससे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है।
निवेश और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश आकर्षित करने और कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने के लिए आधुनिक और सुनियोजित औद्योगिक एवं शहरी बुनियादी ढांचा जरूरी है। उन्होंने कहा कि Punjab Government औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने तथा उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में कृषि, फसली अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार-उद्योग सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई। सरकार के अनुसार, बैठक का उद्देश्य टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करना है।
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