Raghav Chadha के दिल्ली वोटर बनने पर AAP का चुनाव आयोग से सवाल
नई दिल्ली, 8 सितंबर (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद Raghav Chadha के दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जुड़ने को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा का नाम बिना निर्धारित प्रक्रिया के दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में जोड़ा गया है। हालांकि, ये आरोप AAP की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग का पक्ष इसमें शामिल नहीं है।
AAP मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान अनुराग ढांडा ने कहा कि 31 अगस्त को जारी दिल्ली के ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में संबंधित बूथ पर कुल 746 मतदाता थे और उसमें Raghav Chadha का नाम नहीं था। उनका दावा है कि अब उसी बूथ पर 747 मतदाता दिखाई दे रहे हैं और 747वें क्रम पर राघव चड्ढा का नाम नजर आ रहा है।
3 सितंबर को पंजाब का वोटर होने का दावा करने का हवाला
अनुराग ढांडा ने 3 सितंबर को राघव चड्ढा की ओर से किए गए सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस समय चड्ढा ने खुद को पंजाब के मोहाली का पंजीकृत मतदाता बताया था और दावा किया था कि उनका नाम पंजाब के ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल से हटाया गया है।
ढांडा ने कहा कि राघव चड्ढा ने उस समय यह भी कहा था कि वह SIR की प्रक्रिया के तहत अपना दावा पेश कर पंजाब की मतदाता सूची में नाम दोबारा जुड़वाएंगे। AAP का सवाल है कि यदि 3 सितंबर तक चड्ढा खुद को पंजाब का मतदाता बता रहे थे, तो 31 अगस्त के दिल्ली ड्राफ्ट रोल में नाम नहीं होने के बावजूद उनका नाम बाद में दिल्ली की सूची में कैसे जुड़ गया।
Raghav Chadha : फॉर्म-6 और फॉर्म-9 को लेकर चुनाव आयोग से सवाल
अनुराग ढांडा ने कहा कि नए मतदाता के रूप में नाम जुड़ने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 दाखिल किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 3 सितंबर के बाद जारी फॉर्म-9 की सूचियों में राघव चड्ढा का नाम दिखाई नहीं देता।
उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि अगर राघव चड्ढा का नाम दिल्ली में नया जोड़ा गया है तो फॉर्म-6 कब दाखिल किया गया और किस प्रक्रिया के तहत उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हुआ।
AAP नेता ने यह भी सवाल उठाया कि क्या राघव चड्ढा का वोट पंजाब से दिल्ली ट्रांसफर हुआ है। उन्होंने चुनाव आयोग से यह स्पष्ट करने की मांग की कि यदि ऐसा हुआ है तो उनका EPIC नंबर क्या है और क्या वह पंजाब में पंजीकृत EPIC नंबर से संबंधित है।
‘बैकएंड से नाम जोड़ने-काटने’ का लगाया आरोप
ढांडा ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम बिना आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों के मतदाता सूची में जोड़ा या हटाया जा सकता है, तो यह पूरी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि 31 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में 746 मतदाताओं के बाद 747वां नाम कैसे जुड़ा, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने पूछा कि राघव चड्ढा का नाम किस तारीख को, किस आवेदन के आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।
Raghav Chadha Vote : निष्पक्ष जांच की मांग
अनुराग ढांडा ने कहा कि चुनाव आयोग को दिल्ली और देश के सामने इस मामले की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकार से है।
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