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Punjab Groundwater Crisis : 4 साल में भूजल दोहन घटा

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Punjab Groundwater Crisis - Groundwater exploitation reduced in 4 years
Punjab Groundwater Crisis - Groundwater exploitation reduced in 4 years

चंडीगढ़, 31 अगस्त 2026: आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने ताजा भूजल आकलन का हवाला देते हुए दावा किया है कि पंजाब में दशकों से चले आ रहे Punjab Groundwater Crisis की स्थिति में अब सुधार के संकेत दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाने, नहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए किए गए प्रयासों का असर सामने आ रहा है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब में भूजल दोहन का स्तर 2021-22 में 163.80 प्रतिशत था, जो 2025 में घटकर 156.36 प्रतिशत और 2025-26 में 152.22 प्रतिशत रह गया। उनके अनुसार, चार वर्षों में भूजल दोहन में 11.58 प्रतिशत पॉइंट की कमी दर्ज की गई है।

95 ब्लॉकों में सुधार, 4 सुरक्षित श्रेणी में पहुंचे

पन्नू ने कहा कि ताजा भूजल आकलन में पंजाब के 153 डार्क-जोन ब्लॉकों में से 95 ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है। वहीं गंभीर श्रेणी वाले ब्लॉकों की संख्या 10 से घटकर 6 रह गई है।

उन्होंने दावा किया कि चार ब्लॉक अब सुरक्षित श्रेणी में आ गए हैं। इनमें फाजिल्का का अरनीवाला, फिरोजपुर का मक्खू, होशियारपुर का हाजीपुर और पठानकोट का नरोट जैमल सिंह शामिल हैं। इसके अलावा 14 ब्लॉकों में बड़ा सुधार दर्ज होने की बात कही गई है।

Punjab Groundwater Crisis : नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाने का दावा

बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब में नहर के पानी के इस्तेमाल को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। उनके अनुसार, 2022 में नहर के पानी का इस्तेमाल लगभग 21 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर करीब 80 से 82 प्रतिशत हो गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने 14,100 नहरें चालू की हैं, 400 किलोमीटर से अधिक बंद नहरों को बहाल किया है और 1,000 किलोमीटर से अधिक नहरों को पक्का किया है। उनके अनुसार, भूजल रिचार्ज में मदद के लिए रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं।

सालाना भूजल दोहन में भी कमी

पन्नू ने कहा कि पंजाब में सालाना भूजल दोहन लगभग 28.01 बिलियन क्यूबिक मीटर से घटकर 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गया है।

उन्होंने बताया कि कुल 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर निकाले गए भूजल में से लगभग 24.95 बिलियन क्यूबिक मीटर कृषि के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि करीब 1.38 बिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू और औद्योगिक जरूरतों में इस्तेमाल किया जाता है।

Punjab Groundwater Crisis : भूजल रिचार्ज में भी बढ़ोतरी

आप नेता के अनुसार, पंजाब में कुल वार्षिक भूजल रिचार्ज 19.14 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इसमें बारिश से 5.53 बिलियन क्यूबिक मीटर और नहर के पानी से 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर रिचार्ज शामिल है।

उन्होंने कहा कि नहर के पानी से होने वाला भूजल रिचार्ज पिछले वर्ष के 4.5 बिलियन क्यूबिक मीटर से बढ़कर इस वर्ष 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है।

विपक्ष पर साधा निशाना

बलतेज पन्नू ने अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब ये पार्टियां सत्ता में थीं, तब पंजाब के हिस्से का नहर का पानी किस तरह इस्तेमाल हो रहा था।

उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी के संरक्षण के लिए केवल भाषण देने के बजाय ठोस योजना, बुनियादी ढांचे और राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। उनके मुताबिक मान सरकार ने नहर के पानी का इस्तेमाल बढ़ाकर भूजल पर दबाव कम करने की दिशा में काम किया है।

पन्नू ने कहा कि पंजाब अभी भी गंभीर भूजल संकट का सामना कर रहा है, लेकिन ताजा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भूजल दोहन में कमी और कई ब्लॉकों में सुधार की शुरुआत हुई है। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव बताया।

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Rajesh Sachdeva

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