पंजाब

सेना के जवानों, शहीदों के परिवारों व पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु हर संभव प्रयास करने की वचनबद्धता दोहराई

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Families Soldiers
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राजेश सचदेवा
चंडीगढ़, 7 नवंबर:
पंजाब के रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री स. चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने आज दोहराया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सेना के जवानों, शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों (Families Soldiers) के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।

यहां सैक्टर-3 स्थित वार मैमोरियल बोगनविलीया पार्क से हथियारबंद सेना झंडा दिवस को समर्पित साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाने के उपरांत रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री स. जौड़ामाजरा ने कहा कि सरकार ने राज्य के शहीद जवानों के वारिसों के लिए एक्स-ग्रेशिया राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के हितों का देखभाल और समाज में उनका अच्छा जीवन व्यतीत करना सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने शारीरिक रूप से असक्षम सैनिकों की एक्स-ग्रेशिया ग्रांट बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।

इस निर्णय के अनुसार 76 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक दिव्यांग सैनिकों के लिए एक्स-ग्रेशिया ग्रांट 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार 51% से 75% दिव्यांग सैनिकों के लिए ग्रांट 10 लाख रुपये से दोगुनी कर 20 लाख रुपये कर दी गई है और 25% से 50% दिव्यांग सैनिकों के लिए एक्स-ग्रेशिया ग्रांट 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दी गई है।

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इसके इलावा राज्य सरकार ने ‘द इस्ट पंजाब वार अवार्डस एक्ट-1948’ में संशोधन करने का निर्णय लिया है जिसके द्वारा 83 लाभार्थियों की वित्तीय सहायता 10,000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी गई है। पंजाब सरकार ‘द इस्ट पंजाब वार अवार्डस एक्ट-1948’ के तहत उन माता-पिता को वित्तीय सहायता के रूप में युद्ध जागीर प्रदान करती है जिनका इकलौता बच्चा या दो से तीन बच्चों ने दूसरे विश्व युद्ध, राष्ट्रीय आपातकाल 1962 और 1971 के दौरान भारतीय सेना में सेवाएं प्रदान की है।

वर्तमान में इस नीति के तहत 83 लाभार्थी लाभ ले रहे हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने घोषणा की है कि जिन माता-पिता का इकलौता बच्चा या दो से तीन बच्चे जो दूसरे विश्व युद्ध, राष्ट्रीय आपातकाल-1962 और 1971 के दौरान भारतीय सेना में सेवाएं निभा चुके हैं उनको ‘द ईस्ट पंजाब वॉर अवार्ड एक्ट ‘1948’ के तहत दी जाने वाली युद्ध जागीर की राशि 10,000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति वर्ष कर दी जाएगी।

रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री ने कहा कि यह साइकिल रैली पंजाब के सभी ज़िलों से होकर 7 दिसंबर, 2023 को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ में समाप्त होगी और इस रैली को पंजाब के राज्यपाल द्वारा फलैग-इन किया जाएगा।

स. जौड़ामाजरा ने कहा कि साइकिल रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों में देश की रक्षा के लिए सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदानों के बारे में जागरूक करना, युवाओं में देशभक्ति की भावना पैदा करना एवं उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना, राज्य के निवासियों को झंडा दिवस के बारे में सूचित करना और उन्हें अधिक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

झंडा दिवस फंड में डिजिटल ढंग से योगदान देने के लिए जारी किया क्यूआर कोड

स.चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने झंडा दिवस फंड में योगदान देने के लिए डिजीटल ढंग से योगदान हेतु नई पहलकदमी के तहत क्यूआर कोड भी जारी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे झंडा दिवस फंड में योगदान देने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस क्यूआर कोड के माध्यम से योगदान दें।

इस अवसर पर महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सिज प्रैपरेटरी इंस्टीच्यूट, माई भागो आर्म्ड फोर्सिज प्रैपरेटरी इंस्टीच्यूट और एन.सी.सी के तीनों विंग के कैडेटों ने शहीदों को सलामी दी। Families Soldiers

समागम के दौरान रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री जेएम बालमुर्गन, डायरैक्टर ब्रिगेडियर डा. बीएस ढिल्लों, डिप्टी डायरैक्टर कमांडर बलजिंदर सिंह विरक, पूर्व सैनिक, एन.सी.सी कैडेट एवं रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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Rajesh Sachdeva

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