World Hypertension Day : पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बड़ी राहत
40 से 90+ आयु वर्ग के मरीजों को मिल रहा मुफ्त इलाज
चंडीगढ़, 16 मई (ध्रुव)। World Hypertension Day के अवसर पर पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक अहम सहारा बनकर उभरी है। बढ़ते हाइपरटेंशन मामलों के बीच यह योजना हजारों परिवारों को समय पर इलाज और भारी चिकित्सा खर्चों से राहत प्रदान कर रही है।
हाइपरटेंशन, जिसे आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है, को डॉक्टर अक्सर “साइलेंट किलर” मानते हैं क्योंकि यह बिना स्पष्ट लक्षणों के स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। बदलती जीवनशैली, तनाव, अस्वस्थ खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते यह बीमारी अब युवाओं तक भी पहुंच रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में 40 से 80 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं, जबकि कुछ जिलों में 90 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों के मामले भी सामने आए हैं। आंकड़े बताते हैं कि गुरदासपुर में 94 वर्ष तक और एस.ए.एस. नगर में 98 वर्ष तक आयु वाले मरीज मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाभान्वित हुए हैं।
World Hypertension Day : महिलाओं में हाइपरटेंशन के मामलों की संख्या अधिक देखी
पटियाला, एस.ए.एस. नगर, होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट जैसे जिलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं अमृतसर और लुधियाना में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में हाइपरटेंशन के मामलों की संख्या अधिक देखी गई।
सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंद्रा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष Dr. Saurabh Sharma ने कहा कि अब हाई ब्लड प्रेशर केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। उन्होंने बताया कि तनाव, खराब खान-पान, व्यायाम की कमी और अनियमित दिनचर्या युवाओं में भी हाइपरटेंशन बढ़ाने के प्रमुख कारण हैं।
डॉ. शर्मा के अनुसार, अब केवल हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी जटिलताएं जैसे हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी रोग भी पहले की तुलना में कम उम्र में सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीजों को आर्थिक दबाव के कारण इलाज टालने से रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाइपरटेंसिव इमरजेंसी जैसी स्थितियों में इलाज में देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री सेहत योजना समय पर उपचार सुनिश्चित करके मरीजों की जान बचाने में मदद कर रही है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ इलाज उपलब्ध करवाना नहीं बल्कि मरीजों को आर्थिक भय के बिना समय रहते अस्पताल पहुंचने का भरोसा देना है। मध्यम वर्गीय परिवारों, बुजुर्गों, पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना गंभीर बीमारियों के इलाज में एक सुरक्षा कवच बन रही है।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर यह स्पष्ट हुआ है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के हजारों परिवारों के लिए आर्थिक और मानसिक राहत का मजबूत आधार बन चुकी है।
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