Punjab Mukhya Mantri Sehat Yojana के तहत लाखों मरीजों को Cashless Treatment
चंडीगढ़, 5 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब की भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (Mukhya Mantri Sehat Yojana Punjab) राज्य के लाखों परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। राज्य सरकार के अनुसार, 8 जनवरी 2026 से अब तक इस योजना के तहत 2,91,417 मरीजों को 1,044 करोड़ से अधिक मूल्य का Cashless Treatment उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना का लाभ पंजाब के सभी जिलों तक पहुंचा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के लिए बड़ी राहत मिली है।
स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) पंजाब के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता का वास्तविक पैमाना खर्च की गई राशि नहीं बल्कि यह है कि जरूरत के समय मरीज तक समय पर इलाज पहुंचा या नहीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। सरकार लगातार इस योजना का दायरा बढ़ा रही है ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने तथा इलाज की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
लाभार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ लेने वाले कई मरीजों ने इसे कठिन समय में बड़ी सहायता बताया। लाभार्थी सुरेशपाल कौर ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर समस्या हो गई थी, जिसके कारण सीजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी। जन्म के बाद नवजात शिशु को विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पूरा उपचार कैशलेस हुआ, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
वहीं रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका सामान्य जीवन प्रभावित था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनका नी रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) Cashless Treatment हुआ, जिसके बाद अब वे सामान्य जीवन जी पा रही हैं।
तरनतारन निवासी बीर सिंह ने बताया कि हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने के बाद उनका समय पर एंजियोग्राफी और पीटीसीए (Angioplasty) उपचार हुआ। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना नहीं होती तो इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद कठिन होता।
सभी जिलों में पहुंचा मुख्यमंत्री सेहत योजना (Cashless Treatment) का लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ अब पंजाब के प्रत्येक जिले तक पहुंच चुका है। लाभार्थियों की संख्या के आधार पर पटियाला पहले स्थान पर है, जहां 27,892 मरीजों को योजना का लाभ मिला।
इसके बाद बठिंडा (22,584) और लुधियाना (21,729) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
अन्य प्रमुख जिलों में जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोजपुर (13,344) और गुरदासपुर (12,037) शामिल हैं।
इसके अलावा मोगा, फाजिल्का, मानसा, फरीदकोट, बरनाला, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), फतेहगढ़ साहिब, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला, पठानकोट और मालेरकोटला के हजारों मरीजों ने भी इस योजना के तहत कैशलेस इलाज प्राप्त किया है।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के विस्तार के साथ अब लोगों को इलाज शुरू करने से पहले खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ती। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना के अंतर्गत आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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