सफाई कर्मचारी आज से लोटेंगे काम पर, 30 दिन का सरकार ने लिया मांगे मानने का समय
चंडीगढ़, 21 मई (ध्रुव)। पंजाब भर की नगर परिषदों, नगर समितियों, नगर पंचायतों और अन्य शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारी यों ने अपनी हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय पंजाब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया।
पंजाब के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की चर्चा के बाद समाधान का रास्ता निकला है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के प्रतिनिधियों ने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains के साथ बैठक कर अपनी मांगें रखीं।
सफाई कर्मचारी के साथ कई मांगों पर बनी सहमति, बाकी के लिए बनेगी कमेटी
वित्त मंत्री के अनुसार, बातचीत के दौरान कर्मचारियों की कई मांगों का समाधान कर लिया गया है, जबकि कुछ मुद्दे कानूनी प्रक्रियाओं और चुनाव आचार संहिता से जुड़े होने के कारण अभी विचाराधीन हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और यूनियनों की सहमति से एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जो लंबित मांगों की समीक्षा कर स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगी। सरकार ने इन मुद्दों पर कार्रवाई के लिए एक महीने की समय सीमा तय की है।
चीमा ने कहा कि यूनियनों ने सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन पर भरोसा जताते हुए फिलहाल हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री पर दिए गए बयान की निंदा
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu द्वारा मुख्यमंत्री Bhagwant Mann पर दिए गए कथित बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ बिना सबूत ऐसे आरोप लगाना पंजाब के लोगों और उनके जनादेश का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब से जुड़े सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा नेताओं की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं और इन विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं होने चाहिए।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भी दी प्रतिक्रिया
एक अन्य सवाल के जवाब में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को राजनीतिक संगठन बनाने और अपने विचार रखने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं और सामाजिक समूहों की राजनीतिक भागीदारी लोकतंत्र का हिस्सा है और विचारों को दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ माना जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर भी उठाए सवाल
चीमा ने आरोप लगाया कि देश में असहमति जताने वाली आवाजों को सीमित करने की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि शहरी निकायों में सफाई सेवाएं जल्द सामान्य होंगी और लंबित मांगों पर आगे चर्चा जारी रहेगी।
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