Performance Grading Index रिपोर्ट के अनुसार पंजाब ने प्रचेष्टा-ग्रेड-1 हासिल किया
चंडीगढ़, 20 मई (ध्रुव)। पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए Performance Grading Index (PGI) 2.0 2024-25 में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पंजाब ने प्रचेष्टा-ग्रेड-1 हासिल किया है और सीखने के परिणामों तथा शिक्षा गुणवत्ता के मामले में पूरे देश में शीर्ष स्थान पर रहा है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब ने केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। उनके मुताबिक, पंजाब और चंडीगढ़ ही ऐसे रहे जिन्हें प्रचेष्टा-ग्रेड-1 मिला, जबकि अन्य प्रमुख राज्य प्रचेष्टा-ग्रेड-2 में रहे।
सीखने के परिणाम और गुणवत्ता में पंजाब देश में सबसे आगे
शिक्षा मंत्री ने बताया कि “सीखने के परिणाम और गुणवत्ता” जैसे सबसे अहम क्षेत्र में पंजाब ने 150.4 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान पाया है। इस श्रेणी में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि पंजाब में शिक्षा व्यवस्था अब केवल रटने तक सीमित नहीं, बल्कि समझ-आधारित शिक्षा मॉडल पर काम कर रही है।
Performance Grading Index 2.0 किन आधारों पर तय होती है रैंकिंग?
परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छह प्रमुख क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग दी जाती है:
- सीखने के परिणाम और गुणवत्ता
- पहुंच (Access)
- बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं
- समानता (Equity)
- प्रशासनिक प्रक्रिया
- शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण
जिलों में बरनाला सबसे आगे
PGI-D 2024-25 के तहत जिलों की रैंकिंग में बरनाला ने 461 अंक हासिल कर पूरे पंजाब में पहला स्थान प्राप्त किया और उत्तम-2 ग्रेड हासिल किया। इसके बाद श्री मुक्तसर साहिब, एसबीएस नगर (नवांशहर), होशियारपुर, संगरूर, तरनतारन और मालेरकोटला जैसे जिले शामिल रहे।
हरजोत बैंस बोले – शिक्षा क्रांति अब हकीकत
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब में शिक्षा क्रांति अब सोच नहीं, बल्कि हकीकत बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के सरकारी स्कूल अब देशभर के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ना हर पंजाबी के लिए गर्व की बात है और पंजाब भविष्य की जरूरतों के अनुसार नई पीढ़ी तैयार कर रहा है।
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