पंजाब को ब्रिटेन के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पेश करेंगे Aman Arora
चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। पंजाब में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और ब्रिटेन के साथ औद्योगिक एवं व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए उद्योग मंत्री Aman Arora ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ अहम बैठक की। इन्वेस्ट पंजाब में हुई इस रणनीतिक बैठक में पंजाब को ब्रिटेन के कारोबारियों के लिए प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने और भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत मिलने वाले अवसरों पर चर्चा की गई।
बैठक में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समेरीग्लो के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इसमें ब्रिटिश हाई कमीशन के व्यापार मामलों के प्रथम सचिव डॉ. निकोलस ग्रीबिट और वरिष्ठ व्यापार सलाहकार अनूप नारायण भी शामिल थे।
Aman Arora ने प्रतिनिधिमंडल को पंजाब की नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 और विशेष रूप से स्थापित एफटीए एवं एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का लाभ उठाने में भी मदद कर रही है।
इन पांच क्षेत्रों में ब्रिटेन के निवेश पर जोर
बैठक के दौरान एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं को ब्रिटेन की तकनीक और विशेषज्ञता से जोड़ने पर भी विचार किया गया।
Aman Arora ने कहा कि उत्तर भारत के प्रवेश द्वार के रूप में पंजाब की भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल, बेहतर बाजार संपर्क और औद्योगिक आधार इसे ब्रिटिश कंपनियों के लिए निवेश का आकर्षक केंद्र बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब अब केवल देश का अन्न भंडार नहीं, बल्कि आधुनिक उद्योग और नवाचार के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर पंजाब के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने पर सरकार का विशेष ध्यान है।
'मेक इन पंजाब' को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी : Aman Arora
उद्योग मंत्री ने कहा कि औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 और एफटीए एवं एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल के माध्यम से ब्रिटेन सहित दुनिया भर की कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए सुविधाजनक औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है। सीईटीए के तहत कर-मुक्त पहुंच का लाभ उठाने के लिए पंजाब तेजी से उभरते औद्योगिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पंजाब को ब्रिटेन के कारोबारियों के लिए पसंदीदा निवेश स्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साझेदारी से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने दिखाई पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में रुचि
बैठक के दौरान ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के कुशल श्रमिकों और विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग तथा फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं में रुचि दिखाई।
इस मौके पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब निवेशकों को बेहतर बाजार पहुंच, लॉजिस्टिक्स संपर्क और कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि एफटीए एवं एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल ब्रिटिश कंपनियों को सीईटीए के तहत नियामकीय प्रक्रियाओं, बाजार तक पहुंच और निर्यात संबंधी मामलों में सहायता प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही पंजाब के उद्योगपतियों और ब्रिटिश कंपनियों के बीच सीधे व्यावसायिक संपर्क स्थापित किए जाएंगे, ताकि बैठकों में बनी सहमति को वास्तविक निवेश परियोजनाओं में बदला जा सके।
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