6 बागी राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की
नई दिल्ली/पंजाब, 5 मई (ध्रुव)। Bhagwant Singh Mann ने आज दिल्ली में Rashtrapati Bhavan में Droupadi Murmu से मुलाकात कर पंजाब के दल-बदल करने वाले राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। मुख्यमंत्री अपने सभी विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति को हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भाजपा के केवल दो विधायक होने के बावजूद उसके राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़ना “लोकतंत्र का मजाक” है। उन्होंने सात सांसदों को “इलेक्टेड नहीं, बल्कि सेलेक्टेड” बताते हुए आरोप लगाया कि उनका दल-बदल पंजाब के जनादेश के साथ विश्वासघात है।
Bhagwant Singh Mann ने इन सांसदों को चुनौती दी कि यदि उनमें वास्तव में देशभक्ति है तो वे इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने से गलत कामों से सुरक्षा नहीं मिलती और जरूरत पड़ने पर पंजाब सरकार कार्रवाई करेगी।
Bhagwant Singh Mann ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि “वॉशिंग मशीन की तरह दागी नेताओं को साफ किया जा रहा है”, जो लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है। उन्होंने ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे प्रयासों को पंजाब में असफल बताते हुए कहा कि राज्य के लोग विश्वासघात को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सात सदस्यों का दल-बदल असंवैधानिक है और संविधान में संशोधन कर सांसदों को वापस बुलाने (Recall) का प्रावधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब के अधिकारों और संसाधनों के साथ अन्याय कर रही है और राज्य के वैध फंड रोक रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे राजनीतिक कदमों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे।
दिल्ली रवाना होने से पहले Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सरकार पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगी और जनता के जनादेश की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
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