चंडीगढ़

Brain Stroke: युवाओं में बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले, इस बात का रखे ख्याल, कर सकते हैं बचाव

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Brain Stroke
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Brain Stroke: लगातार खानपान में बदलाव होने के कारण और काम की टेंशन होने से इसका असर हमारी हेल्थ पर बहुत अधिक पड़ता है। अगर हम रोजाना अपनी डाइट रहन-सहन और रोजाना की एक्टिविटी को शामिल करते हैं तो कई तरह की बीमारियों से हम बचाव कर सकते हैं। खराब लाइफस्टाइल की वजह से दिल का दौरा और स्ट्रोक जैसे मामले सामने आ रहे हैं। इस मामलों में सबसे अधिक युवाओं के आ रहे हैं। जिसमें युवाओं को दिल का दौरा और ब्रेन अटैक जैसे मामले देखने को मिल रहे हैं। Brain Stroke

हाल ही के दिनों में जीरोधा के सीईओ नितिन कामत ने अपने सोशल मीडिया से जानकारी देते हुए बताया था कि उनको स्ट्रोक आया है। इस खबर को सुनकर अक्सर कई लोग चोंक उठे थे कि इतने फिट रहने वाले व्यक्ति को स्ट्रोक आ सकता है तो आम इंसान को क्यों नहीं। इसके बाद कई लोग अपनी हेल्थ और फिट रहने के लिए कई तरह के उपाय करने लगे हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको स्ट्रोक के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे। बस आपने यह आर्टिकल पूरा पढ़ना है। Brain Stroke

Brain Stroke एक जानलेवा हो सकता है

स्ट्रोक एक जानलेवा बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना सकती है। इस बीमारी से बचने का एक ही उपाय है सावधानी। जी हां अगर हम अपने खान-पान पर ध्यान और सावधानी रखेंगे तो हमें बहुत अधिक फायदे मिल सकते हैं और स्ट्रोक जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। आईए जानते हैं कि कैसे किया जा सकता है स्ट्रोक से बचाव। Brain Stroke

अक्सर ही लोग यह सोचते हैं कि स्ट्रोक कैसे आता है उसका क्या कारण होता है। स्ट्रोक उस कंडीशन में आता है जिसमें दिमाग के सेल तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंच पाता है। इसी कारण दिमाग के सेल्स डैमेज होने शुरू हो जाते हैं। इससे दिमाग का प्रभावित हुआ हिस्सा ठीक से काम करना बंद कर देता है। यह स्ट्रोक जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसीलिए इस कंडीशन में हर दिन हर एक घंटा और हर एक सेकंड बेहद कीमती है। इसलिए इसके लक्षणों की पहचान करके समय रहते मदद ले लेनी चाहिए और ब्रेन डैमेज के खतरे से बचा जाए। Brain Stroke

स्ट्रोक के प्रकार

  • स्ट्रोक दो तरह के होते हैं जब किसी ब्लड वेसल में ब्लॉक होने की वजह से दिमाग तक सही समय पर सही मात्रा में ब्लड नहीं पहुंच पाता है तो हमारे ब्रेन की सेल्स मरने शुरू हो जाते हैं। ब्रेन सेल्स मरने के कारण हमारे दिमाग तक ऑक्सीजन सही तरीके से और लेवल कम होने की वजह से होता है। इसे आइस्मिक स्ट्रोक कहा जाता है।
  • स्ट्रोक का दूसरा प्रकार है हैमरेजिक स्ट्रोक। जब दिमाग की नस फटने या लीक होने के कारण दिमाग में ब्लीडिंग होने लगती है तो उसे हैमरेजिक स्ट्रोक कहा जा सकता है। इस कारण से हमारे ब्रेन सेल्स पर बहुत अधिक दवाब पड़ता है और वह डैमेज होने लगते हैं। इस स्ट्रोक में कई बार दिमाग और स्कल के बीच की जगह में खून इकट्ठा होना शुरू हो जाता है। जिससे हमारे दिमाग पर काफी अधिक दवाब पड़ता है और सेल्स डैमेज होने लगते हैं। Brain Stroke

स्ट्रोक के लक्षण

  • शरीर का एक हिस्सा रुक जाना या पैरालिसिस या कमजोरी महसूस होना
  • ऑर्गन्स का काम बंद होना
  • तेज सिर दर्द होना अधिक चक्कर आना
  • उल्टी होना या जी मचलाना
  • चलने में तकलीफ या संतुलन बनाने में दिक्कत होना
  • चेहरे का एक हिस्सा डुप होना
  • बोलने में तकलीफ होना या तोतलापन होना
  • धुंधलापन दिखना या दिखाई देना बंद होना
  • यादाश्त खोना
  • कन्फ्यूजन
  • दौरा पढना

किस तरह से स्ट्रोक पर करें बचाव

  • ब्लड प्रेशर को पूरी तरह से कंट्रोल करना
  • खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ने से रोकना
  • वजन को कंट्रोल रखना
  • रोजाना कसरत करना
  • पूरी नींद लेना
  • हेल्दी डाइट लेना
  • स्मोकिंग और शराब से परहेज
  • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करें

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Rajesh Sachdeva

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