Gangsters भाग सकते हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते
चंडीगढ़, 14 सितंबर (ध्रुव)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विदेशों में छिपे Gangsters, नशा तस्करों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अपराधी अपना ठिकाना, पासपोर्ट और पहचान बदल सकते हैं, लेकिन कानून से हमेशा के लिए नहीं बच सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस अब राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं है और विदेशों में छिपे Gangsters का भी पीछा कर उन्हें कानून के कटघरे में लाने के लिए कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मोल्दोवा गणराज्य से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम की हवालगी में सफलता हासिल करने वाली एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की टीम को सम्मानित किया। टीम का नेतृत्व एसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने किया।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। सरकार के अनुसार, अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया है और विदेशों से 10 भगोड़ों को पंजाब वापस लाया गया है। वहीं, नशा तस्करों के खिलाफ 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब पुलिस को हाईटेक एंटी-ड्रोन प्रणालियों से लैस किया गया है और 1.5 लाख लोगों की भागीदारी वाली ग्रामीण रक्षा समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की शांति और सुरक्षा भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा।
Gangsters के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में हो या देश के किसी दूसरे हिस्से में, यहां तक कि यूरोप के हजारों किलोमीटर दूर किसी देश में छिपा अपराधी भी पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अपराधी अपना ठिकाना, पासपोर्ट और पहचान बदल सकते हैं, लेकिन कानून से हमेशा के लिए बचना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अमृत दालम की हवालगी संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान की बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि अमृत दालम जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का प्रमुख कार्यकर्ता था और हत्या, हत्या के प्रयास, यूएपीए, आर्म्स एक्ट तथा नशीले पदार्थों से जुड़े कई गंभीर मामलों में वांछित था।
मोल्दोवा से पहली बार भगोड़े अपराधी की हवालगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोल्दोवा के हालिया दौरे के दौरान पंजाब पुलिस के प्रतिनिधिमंडल को बेहतर तालमेल और सहयोग के लिए वहां की सरकार की ओर से सम्मान चिह्न दिया गया। इसी सहयोग के तहत मोल्दोवा से किसी भगोड़े अपराधी की पहली बार हवालगी संभव हुई।
पंजाब पुलिस की एस्कॉर्ट टीम ने डीजीपी पंजाब, एडीजीपी एजीटीएफ और आईजीपी ओएफटीईसी के साथ मिलकर यह सम्मान चिह्न मुख्यमंत्री को सौंपा।
भगवंत मान ने कहा कि यह सम्मान भारत और मोल्दोवा के बीच कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने इसे पंजाब पुलिस की पेशेवर क्षमता और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के विश्वास की मान्यता बताया।
एजीटीएफ और केंद्रीय एजेंसियों के तालमेल की सराहना
मुख्यमंत्री ने एजीटीएफ, ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी), पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों, फिरौती मांगने वालों, नशा तस्करों और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। सरकार के मुताबिक, गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित लोगों को विदेशों से वापस लाकर कानून के सामने पेश करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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