बिना बिजली कटौती 17,423 मेगावाट की मांग पूरी : Tarunpreet Saund
लुधियाना, 14 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब ने बिना किसी बिजली कटौती के अब तक की सर्वाधिक 17,423 मेगावाट बिजली मांग पूरी की है। बिजली मंत्री Tarunpreet Saund ने दावा किया कि आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सितंबर में बिजली की मांग सामान्य वर्षों की तुलना में काफी बढ़ी है, इसके बावजूद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने मांग को पूरा किया है।
लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौंद ने कहा कि 13 सितंबर सुबह 7 बजे से बिजली की कमी के कारण कोई कट नहीं लगाया गया है। Tarunpreet Saund ने बताया कि धान के सीजन में दो निजी थर्मल प्लांटों में तकनीकी खराबी आने के बाद PSPCL की इन-हाउस टीम ने लगातार काम करके दोनों प्लांटों को दोबारा चालू किया।
मंत्री के मुताबिक, पहले बिजली व्यवधान के दौरान किसानों को हुई 2 से 3 घंटे की कमी की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर किसानों को दो घंटे अतिरिक्त बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों और किसान संगठनों से भी उन्हें बिजली आपूर्ति को लेकर व्यक्तिगत रूप से फोन आए हैं।
Tarunpreet Saund ने बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार द्वारा कोयले की आपूर्ति में कटौती और पंजाब के हिस्से की करीब 1,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध नहीं करवाने को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों ने दिन-रात काम कर तकनीकी खराबियों को दूर किया और बिजली व्यवस्था को सामान्य किया।
मंत्री ने बताया कि जिस निजी बिजली संयंत्र से पंजाब बिजली खरीदता है, उसकी एक यूनिट भी चालू हो गई है और इससे 100 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है। उन्होंने उद्योगपतियों और किसानों को बधाई देते हुए कहा कि “गंभीर संकट का समय गुजर चुका है।”
गुरु अमरदास थर्मल प्लांट को Tarunpreet Saund ने बताया बड़ा सहारा
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने गुरु अमरदास थर्मल प्लांट खरीदने के पंजाब सरकार के फैसले को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास 10 सरकारी थर्मल यूनिट हैं और गुरु अमरदास थर्मल प्लांट को भगवंत मान सरकार ने खरीदा था। मंत्री के अनुसार, अगर यह प्लांट नहीं खरीदा जाता तो मौजूदा समय में पंजाब की बिजली स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
उन्होंने दावा किया कि इस समय पंजाब की सभी 10 थर्मल यूनिट पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और राज्य ने पहली बार 17,423 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग पूरी की है।
सौंद ने यह भी कहा कि राज्य के करीब 90 प्रतिशत लोगों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा और विधायक राजिंदरपाल कौर छीना भी मौजूद रहे।
बिजली की मांग और खपत दोनों में बड़ा इजाफा
आधिकारिक मासिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब की अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग अप्रैल 2026 में 12,025 मेगावाट थी, जो जुलाई में बढ़कर 17,277 मेगावाट हो गई। सितंबर में 13 सितंबर तक अधिकतम मांग 16,598 मेगावाट दर्ज हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 13,127 मेगावाट थी।
अप्रैल से सितंबर के दौरान दर्ज 17,423 मेगावाट का नया शिखर, पिछले 17,277 मेगावाट के रिकॉर्ड से 146 मेगावाट अधिक है।
वहीं, अप्रैल से 13 सितंबर तक पंजाब की कुल बिजली खपत 46,696 मिलियन यूनिट (एमयू) रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 41,072 एमयू थी। यानी कुल खपत में करीब 14 प्रतिशत वृद्धि हुई। जुलाई में खपत 15 प्रतिशत और अगस्त में 25 प्रतिशत बढ़ी, जबकि सितंबर में 13 सितंबर तक बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में 71 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।
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