चंडीगढ़

इस चावल के सेवन से कैंसर जैसी बीमारियों से हो सकता है बचाव

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White Rice Vs Brown Rice
White Rice Vs Brown Rice

White Rice Vs Brown Rice: दुनिया भर में चावल का प्रयोग बहुत अधिक मात्रा में किया जाता है। शायद  ही कोई ऐसी जगह होगी जहाँ पर इसका सेवन नहीं किया जाता। यह अलग-अलग रंगो, आकार में लोगों के उपयोग के लिए बाजार में मौजूद होते हैं। जिसमें से ज्यादातर लोग सफेद चावल खाना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें दूसरे चावल जिसमें ब्राउन राइस आते है के बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं होती है कि यह उनके शरीर के लिए कितने ज्यादा गुणकारी हो सकते हैं। सफेद चावल को बनाने की प्रक्रिया में उसके धान में मौजूद दाने के छिलके को हटा दिया जाता है जिसमें काफी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

ऐसे इसलिए किया जाता है ताकि इसे लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सके और यह जब पकाया जाए तो उसके बाद चावल नरम बने। यही दूसरी तरफ अगर हम ब्राउन चावल की बात करते हैं तो यह बिल्कुल ही एक होल ग्रेन चावल होता है, जिसका कोई भी छिलका या चोकर नहीं हटाया जाता। जिससे सफेद चावल की तुलना में यह ज्यादा खाने में स्वादिष्ट होता है, इसका कारण यह है कि इसमें फाइबर अधिक मात्रा में मौजूद होता है। White Rice Vs Brown Rice

परंतु इसका भी एक नुकसान यह है कि पकाने में भी ज्यादा समय लगता है और सफेद चावल के मुकाबले में अगर इसको देखा जाए तो यह लंबे समय तक स्टोर करके नहीं रखे जा सकते। इसलिए दोनों ही चावलों का प्रयोग करते समय इसके गुना और अवगुणों को जान लेना काफी ज्यादा आवश्यक होता है। आज इस आर्टिकल में हम सफेद चावल और ब्राउन चावल के बारे में बताने की कोशिश करेंगे ताकि आप अंदाजा लगा सकें कि कौन सा चावल आपके लिए बेहतर हो सकता है। इसलिए इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़े। White Rice Vs Brown Rice

White Rice Vs Brown Rice: डायबिटीज में प्रयोग

अध्ययन के अनुसार पाया जाता है कि  सफेद चावल में ग्लाईसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा मात्रा में मौजूद होता है जो कि हमारे शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्सke द्वारा रक्त शर्करा की मात्रा को बहुत ही ज्यादा बढ़ा देता है। यही कारण है कि यह मधुमेह के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है और इसलिये उन्हें सफेद चावल से परहेज करना चाहिए। परंतु वही अगर हम दूसरी तरफ ब्राउन राइस को देखें तो इसमें पोषक तत्व बहुत ज्यादा मात्रा में मौजूद होते हैं और यह हमारे शरीर में से आवश्यक पदार्थ को बाहर भी नहीं निकलने देते। यदि हम इसका नियमित सेवन भी करते हैं तो भी यह हमारे शरीर के लिए स्वास्थ्य वर्धक ही माने जाते हैं। इसलिए मधुमेह के मरीजों के लिए भूरे चावल गुणकारी माने जा सकते हैं। White Rice Vs Brown Rice

वजन कम करने में फायदेमंद

ब्राउन चावल में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम की मात्रा अधिक होने के कारण यह हमारे शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति तो करते ही हैं, परंतु इसके साथ यह हमारे शरीर में चर्बी की मात्रा को भी कम करने में काफी सहायक बनते हैं। इसी कारण से डाइटिशियन भी ओबेसिटी के मरीजों को ब्राउन राइस खाने की सलाह देते हैं। इसके मुकाबले में यदि हम सफेद चावल को देखें तो हमारे सेहत के लिए कहीं ना कहीं नुकसानदायक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें ब्राउन चावल के मुकाबले फैट की मात्रा ज्यादा होती है जिससे व्यक्ति का वजन बढ़ने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। इसलिए इसका प्रयोग ध्यान देकर ही करना चाहिए। White Rice Vs Brown Rice

नुत्रिएंट्स की पूर्ति में गुणकारी

मिली जानकारी के अनुसार पता चलता है कि ब्राउन चावल को तैयार करते वक्त सिर्फ उसका भूसा ही अलग किया जाता है, जिसके कारण उसमें पोषक तत्व जैसे कि फाइबर, मैग्नीशियम, सेलेनियम तो बच जाते हैं, परंतु कोई भी बैक्टीरिया या चोकर आदि नहीं निकल पाते जिससे शरीर को काफी नुकसान भी हो सकता है। वही दूसरी तरफ यदि हम सफेद चावल की प्रोसेसिंग को देखते हैं तो उसे मिलिंग के द्वारा साफ किया जाता है जिससे उसमें से सारे कीटाणु और चोकर निकल जाते हैं और यह स्वादिष्ट और शरीर के लिए गुणकारी बन जाता है। White Rice Vs Brown Rice

स्वाद से भरपूर

यदि हम सवाद के तराजू पर सफेद चावल और ब्राउन चावल को तोलते हैं तो फिर सफेद चावल खाने में ज्यादा स्वादिष्ट और चबाने में आसान होता है। जिसके कारण इसे बढ़ती उम्र के लोग भी बिना दिक्कत के खा सकते हैं और इन्हें स्टोर भी काफी लंबे समय तक करके रखा जा सकता है। इसका एक और फायदा यह है कि यह पकते भी जल्दी हैं। वही अगर हम ब्राउन राइस की बात करें तो ब्राउन चावल काफी ज्यादा खुशबूदार होते हैं और इन्हें पकाने में भी काफी लंबा समय लग जाता है। इसलिए सफेद चावल के मुकाबले ब्राउन चावल खाने में कम स्वादिष्ट होकर स्वास्थ्य के लिए गुणों से भरपूर होते हैं। White Rice Vs Brown Rice

कैंसर से बचाव

अधयन्न के अनुसार पता चलता है की ब्राउन राइस में अन्थोसयिनिन गुण मोजूद होते है जिसकी मुख्य कार्य ही शरीर की कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से रक्षा करना होता है। इतना ही नहीं बल्कि यह शरीर में Cholesterol की मात्रा को भी नियंत्रण में रखने का काम करता है। वही दूसरी तरफ सफ़ेद चावल में फैट और कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह हमारे शरीर में दिल और पेट से जुडी समस्याओ खड़ा करने में काफी ज्यादा योगदान डाल सकता है।     

इस आर्टिकल में जानकारी सामान्य रूप से दी गई है। इसलिए इस पर अमल करने से पहले अपने नजदीकी डॉक्टर से जरूर सलाह ले। दी स्टेट हेडलाइंस किसी भी बात भी कोई पुष्टि नहीं करता है।

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Rajesh Sachdeva

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