पंजाब

85 हजार Employees का DA 42 से बढ़कर होगा 60 फीसदी

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DA for 85,000 employees to rise from 42 to 60 percentage
DA for 85,000 employees to rise from 42 to 60 percentage

चंडीगढ़, 4 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85,000 Employees के महंगाई भत्ते (DA) को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इससे इस श्रेणी के कर्मचारियों का DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री और आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कदम 2020 के बाद केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर भर्ती किए गए Employees के वेतन और DA के बीच मौजूद अंतर को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

हालांकि, DA बढ़ाने की सिफारिश को अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह लाभ उन कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित है जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर आधारित है और जिन्हें अदालत के आदेशों के माध्यम से संशोधित नहीं किया गया है।

85 हजार Employees को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार, इस फैसले से करीब 85,000 कर्मचारियों को फायदा होगा। इनमें शिक्षक, कांस्टेबल, क्लर्क, नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, मेडिकल अधिकारी, पटवारी और जूनियर इंजीनियर सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।

लाभार्थी कर्मचारियों में:

  • 11,685 कांस्टेबल
  • 20,603 शिक्षक
  • 5,144 क्लर्क
  • 2,355 नर्स
  • 2,267 चपरासी
  • 1,467 मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर
  • 1,248 मेडिकल अधिकारी (जनरल)
  • 1,214 पटवारी
  • 1,129 जूनियर इंजीनियर

शामिल हैं।

तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने की सिफारिश

17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के DA को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की सिफारिश वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर वाली तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने की है।

सरकार का कहना है कि दिसंबर 2020 में 17 जुलाई 2020 के बाद होने वाली नई भर्तियों के वेतन स्केल/मैट्रिक्स को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न के बराबर करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद कर्मचारियों की दो व्यापक श्रेणियां बन गईं।

एक तरफ पहले से कार्यरत कर्मचारियों को पंजाब के पुराने और अपेक्षाकृत अधिक वेतन ढांचे का लाभ मिलता रहा, जबकि 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों का शुरुआती वेतन केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर आधारित रहा।

अमन अरोड़ा बोले - Employees को केंद्र से कम वेतन नहीं मिलने देंगे

अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और सरकार उनके अधिकारों एवं सम्मान को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पंजाब सरकार का कोई कर्मचारी अपने केंद्रीय समकक्ष कर्मचारी से कम वेतन न पाए।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण कैडरों में कर्मचारियों का वेतन केंद्रीय समकक्षों से 30 से 70 प्रतिशत तक अधिक है। हालांकि, उनके मुताबिक 2020 के बाद केंद्रीय वेतन पैटर्न पर भर्ती कर्मचारियों के मामले में कम DA की वजह से स्थिति अलग थी।

कांग्रेस और भाजपा पर भी साधा निशाना

अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों के वेतन समानता के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दल संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता की बात कर रहे हैं, तो उन्हें अपने-अपने शासन वाले राज्यों में भी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करने की मांग करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के DA के मुद्दे पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तथा बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष रखा है।

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Rajesh Sachdeva

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