पंजाब

Punjab Agricultural University में बनेगा हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर

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A Horticulture Knowledge Centre will be set up at Punjab Agricultural University
A Horticulture Knowledge Centre will be set up at Punjab Agricultural University

चंडीगढ़, 2 सितंबर (ध्रुव)। पंजाब में फसली विविधता को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने Punjab Agricultural University (पीएयू), लुधियाना में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी है। यह केंद्र जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से प्रस्तावित 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना का हिस्सा होगा।

बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी क्षेत्र का विस्तार करने के साथ-साथ मजबूत वैल्यू चेन तैयार करना है। इससे किसानों को फसली विविधता अपनाने, पानी के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब में वर्तमान में 41.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र खेती के अधीन है, जिसमें 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत आता है। राज्य में बागवानी फसलों का उत्पादन 106.10 लाख मीट्रिक टन बताया गया है।

Punjab Agricultural University : 2036 तक 16 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2036 तक बागवानी के तहत क्षेत्र को 16 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्तमान क्षेत्र की तुलना में लगभग 300 प्रतिशत वृद्धि होगी।

परियोजना के तहत मशीनरी, बुनियादी ढांचे, मार्केटिंग, बीज और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में निवेश पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा कटाई के बाद प्रबंधन, बाजार तक पहुंच, विस्तार सेवाओं और तकनीकी सहायता को भी मजबूत करने की योजना है।

अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण में मदद करेगा सेंटर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पीएयू में प्रस्तावित हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर अनुसंधान, तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने के लिए संस्थागत सहायता उपलब्ध कराएगा।

इस पहल के माध्यम से बेहतर पौध सामग्री और नर्सरियों से लेकर खेती, कटाई के बाद प्रबंधन, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच की पूरी बागवानी वैल्यू चेन को मजबूत करने का लक्ष्य है।

पंजाब में बागवानी के अंतर्गत फल, सब्जियां, मसाले, सुगंधित पौधे और फूलों की खेती के अलावा मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन भी शामिल हैं। प्रमुख फलों में किन्नू और अमरूद तथा प्रमुख सब्जियों में आलू और मटर शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, कृषि विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Rajesh Sachdeva

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