पंजाब

बोर्ड परीक्षाओं के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू

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End-to-end digital evaluation system implemented for board examinations - Harjot Singh Bains
End-to-end digital evaluation system implemented for board examinations - Harjot Singh Bains

Board Examinations 23,000 उत्तर पुस्तिकाओं का सफल मूल्यांकन

चंडीगढ़, 13 फरवरी: पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार मार्च-2026 की बोर्ड परीक्षाओं (Board Examinations) के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लाने जा रही है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से पंजाब देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस (Board Examinations) प्रणाली से शिक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं का कंप्यूटर पर मूल्यांकन कर सकेंगे और सॉफ्टवेयर के माध्यम से अंकों की गणना अपने आप होगी, जिससे परिणाम तेज और सही तरीके से जारी होंगे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस (Board Examinations) प्रणाली ने तुरंत और सटीक मूल्यांकन करके अपनी योग्यता पहले ही साबित कर दी है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 की सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान 23,000 उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन सफलतापूर्वक किया गया है।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू करेगा, आने वाले सत्रों में इसका विस्तार

उन्होंने बताया कि इस सफल प्रयोग से उत्साहित होकर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड इसी साल मैट्रिक परीक्षा के एक विषय में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू करेगा और आने वाले सत्रों में इसका विस्तार किया जाएगा।

तकनीकी पक्षों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि नई डिजाइन की गई उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर एक विशिष्ट क्यू.आर. कोड है, जिससे सुरक्षित स्कैनिंग और निर्विघ्न डिजिटल प्रोसेसिंग संभव होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को एक सुरक्षित माहौल में स्कैन किया जाता है और एक केंद्रीकृत डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाता है, जहां परीक्षार्थी जोड़, संरचनात्मक मार्किंग स्कीमों और रीयल-टाइम निगरानी के साथ उनका ऑनलाइन मूल्यांकन करते हैं।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक अपग्रेड नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य के मूल्यांकन का पूर्ण बदलाव है।” स. बैंस ने कहा कि क्यू.आर कोड वाली शीटों और डिजिटल मूल्यांकन से निष्पक्षता, तेजी और सटीकता सुनिश्चित बनेगी।

परिणाम में लगने वाले समय में कमी, मानकीय मार्किंग और मूल्यांकन में पारदर्शिता का लाभ मिलेगा

बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने इस पहल के पीछे विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह पहल मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की ईमानदारी और कुशलता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। विद्यार्थियों को परिणाम में लगने वाले समय में कमी, मानकीय मार्किंग और मूल्यांकन में पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। हमारे शिक्षक भी डिजिटल इंटरफेस के साथ काम करेंगे, जो एकरूपता और योजनाबद्ध ढंग से रिकॉर्ड रखने को सुनिश्चित बनाता है।”

उन्होंने कहा कि बोर्ड ने मार्च 2026 में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की शुरुआत संबंधी सभी तकनीकी और प्रबंधकीय तैयारियां पूरी कर ली हैं, जो पंजाब सरकार की अपने विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

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Rajesh Sachdeva

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