‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’31 अगस्त को CM करेंगे अभियान की समीक्षा
चंडीगढ़, 17 अगस्त (ध्रुव)। पंजाब सरकार ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए Independence Day के अवसर पर ग्राम एवं वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों को सम्मानित किया। सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय दिवसों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी समारोहों में भी नशा विरोधी अभियान की गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में 2 अगस्त को हुई राज्य स्तरीय बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया था। सरकार का उद्देश्य ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ को केवल सरकारी कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक जनभागीदारी वाले अभियान के रूप में आगे बढ़ाना है।
Independence Day के अवसर पर राज्यभर में ग्राम रक्षा समितियों (VDCs) और वार्ड रक्षा समितियों (WDCs) के सक्रिय सदस्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों ने असेंबली कोऑर्डिनेटरों और वाइस असेंबली कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया, जबकि सब-डिवीजन स्तर पर एसडीएम ने ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को सम्मान दिया।
गांवों में होगी नशे से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा
सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 25 अगस्त तक राज्य के प्रत्येक गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में नशा तस्करी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पिछली शिकायतों पर पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई, लंबित मामलों और आगे की कार्रवाई की स्थिति पर भी चर्चा होगी।
ग्राम रक्षा समितियों से नए सुझाव और जमीनी फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर और प्रभावी बनाया जा सके।
इसके बाद 26 से 29 अगस्त के बीच जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें होंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री करेंगे। इनमें प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर के कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे।
इन बैठकों में गांवों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की जाएगी और नशे के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक रणनीति तैयार की जाएगी।
Independence Day : 31 अगस्त को मुख्यमंत्री करेंगे राज्य स्तरीय समीक्षा
पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में होने वाली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के साथ होगा। बैठक में सभी जिलों में अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के अगले चरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सरकार के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस पर जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वयंसेवकों का सम्मान अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों की सक्रिय भूमिका के जरिए सरकार नशे के खिलाफ स्थानीय स्तर पर निगरानी, शिकायतों की समीक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना चाहती है।
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