खालिस्तान जिंदाबाद और Narinder Modi मुर्दाबाद जैसे नारे लिखे
चंडीगढ़, 12 जुलाई (ध्रुव)। प्रधानमंत्री Narinder Modi के प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले राज्य में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इसी बीच फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन के डिब्बों पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'मोदी मुर्दाबाद' जैसे नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है।
वीडियो प्रतिबंधित संगठन के नाम से जारी किया गया है, जिसमें घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब में उग्रवाद के दौर के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का जिक्र करते हुए कई भड़काऊ और विवादित दावे किए हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सामग्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
खुफिया एजेंसियां जांच में जुटीं
Narinder Modi के नारे के मामले में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रेन के डिब्बों पर नारे किसने लिखे। पुलिस संबंधित लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
PM Narinder Modi का प्रस्तावित पंजाब दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 15 और 17 जुलाई को पंजाब दौरा प्रस्तावित है। कार्यक्रम के अनुसार वे लुधियाना और जालंधर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर सकते हैं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन की नई इमारत का उद्घाटन भी प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा चंडीगढ़ में भी कई परियोजनाओं के उद्घाटन की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
वीडियो में 'सतलुज' और जसवंत सिंह खालड़ा का जिक्र
वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जसवंत सिंह खालड़ा का उल्लेख किया। खालड़ा के जीवन पर आधारित पंजाबी फिल्म 'सतलुज' (पूर्व नाम Punjab 95) हाल ही में विवादों में रही है। फिल्म को पहले भारत में OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया था और बाद में अंतरराष्ट्रीय कैटलॉग से भी हटाए जाने के बाद इस पर प्रतिबंध बरकरार है।
भड़काऊ बयानबाजी
वीडियो में पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और युवाओं को उकसाने वाले बयान भी दिए। उसने पंजाब के युवाओं और किसानों से जुड़े कई दावे किए तथा 17 जुलाई को खालिस्तान के समर्थन में प्रदर्शन करने का आह्वान किया। ये बयान भड़काऊ प्रकृति के हैं और इनकी सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
यह भी पढ़े :- Ravneet Bittu की खुली चुनौती, 25 हजार लापता शवों के सबूत दें मेकर्स