पंजाब

Ludhiana में ‘माँवां धियां सत्कार योजना’ के सबसे ज्यादा लाभार्थी

6 Views
Highest number of beneficiaries of the Maavan-Dhiyan Satkar Yojana in Ludhiana
Highest number of beneficiaries of the Maavan-Dhiyan Satkar Yojana in Ludhiana

पूरे पंजाब में 68.9 लाख महिलाओं का पंजीकरण

चंडीगढ़, 15 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी 'माँवां धियां सत्कार योजना' के तहत लाभार्थियों के पंजीकरण में Ludhiana जिला पूरे राज्य में पहले स्थान पर रहा है। 14 जुलाई 2026 तक लुधियाना में 7.4 लाख महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। वहीं पूरे पंजाब में इस योजना के तहत 68.9 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है।

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि लुधियाना के बाद पटियाला (5.3 लाख), अमृतसर (4.9 लाख), जालंधर (4.8 लाख), गुरदासपुर (4.4 लाख) और होशियारपुर (4.2 लाख) योजना के सबसे अधिक लाभार्थियों वाले जिलों में शामिल हैं। दूसरी ओर मालेरकोटला में सबसे कम 1.3 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण दर्ज किया गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि अधिक आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क, सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता और बेहतर दस्तावेजी व्यवस्था के कारण इन जिलों में बड़ी संख्या में महिलाओं का पंजीकरण संभव हो सका। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकायों ने संयुक्त रूप से व्यापक जागरूकता अभियान चलाए तथा पात्र महिलाओं के आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा किया।

सरकार का लक्ष्य राज्य की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाना

उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार, शिक्षा और अन्य सुविधाओं के कारण अधिक आबादी वाले जिले हैं। वहीं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की संख्या अधिक होने से योजना के पात्र लाभार्थियों की संख्या भी स्वाभाविक रूप से ज्यादा रही।

मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है, वहां लाभार्थियों की संख्या भी कम दर्ज की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य राज्य की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है।

Ludhiana के इलावा जिलेवार प्रमुख लाभार्थी (लाख में)

  • Ludhiana – 7.4
  • पटियाला – 5.3
  • अमृतसर – 4.9
  • जालंधर – 4.8
  • गुरदासपुर – 4.4
  • होशियारपुर – 4.2
  • बठिंडा – 3.8
  • संगरूर – 3.6
  • फाजिल्का – 2.9
  • श्री मुक्तसर साहिब – 2.7
  • मालेरकोटला – 1.3 (सबसे कम)

यह भी पढ़े :- Punjab Adoption News : पंजाब में 134 बच्चों को मिला कानूनी परिवार

Share this story:
Rajesh Sachdeva

About Rajesh Sachdeva

Author at The State Headlines.

View all posts