सरकारी अस्पतालों में बुखार, श्वसन संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के बढ़ रहे मरीज
चंडीगढ़, 27 मई: पंजाब में बढ़ती गर्मी और उमस के साथ मौसमी बीमारियों के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में बुखार, श्वसन संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में भगवंत मान सरकार की Mukhyamantri Sehat Yojana मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार महीनों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस के 5,840 मामले सामने आए, जिन पर करीब 1.31 करोड़ रुपये के कैशलेस इलाज दावों का भुगतान किया गया। यह योजना के तहत सबसे ज्यादा दावों वाली श्रेणियों में शामिल रही।
इसके अलावा एंटरिक फीवर के 1,396 मामलों पर 30.47 लाख रुपये, निमोनिया के 377 मामलों पर 11.06 लाख रुपये, जबकि एक्यूट ब्रोंकाइटिस के 326 मामलों पर 9.24 लाख रुपये खर्च किए गए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव, गर्मी और स्वच्छता संबंधी समस्याएं संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को तेज बुखार, उल्टी, दस्त, सांस लेने में दिक्कत और लगातार कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है।
Mukhyamantri Sehat Yojana मरीजों को बिना आर्थिक बोझ के कैशलेस उपचार
सिविल अस्पताल पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गोयल ने कहा कि समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीजों को बिना आर्थिक बोझ के कैशलेस उपचार उपलब्ध करा रही है।
विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, छोटे बच्चों में लगातार बुखार, डिहाइड्रेशन और तेज सांस चलने जैसे लक्षणों पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
बढ़ती गर्मी के बीच पंजाब में मौसमी बीमारियों के मामलों में इजाफा स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है, लेकिन Mukhyamantri Sehat Yojana हजारों परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।
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