चंडीगढ़, 28 जुलाई (ध्रुव)। पंजाब में बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। वित्त मंत्री और कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि PSPCL की 16 यूनियनों और आम आदमी क्लीनिक (AAC) स्टाफ यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली है और कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए हैं।
वित्त मंत्री के अनुसार, पिछले दो दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई विस्तृत बातचीत के बाद यह सहमति बनी। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है, जबकि बिजली कर्मचारियों की वित्तीय मांगों पर विचार के लिए विशेष वित्तीय कमेटी गठित की गई है।
PSPCL कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के समाधान के लिए कमेटी गठित
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की वित्तीय मांगों पर विचार करने के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष वित्तीय समिति का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि यह समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 अगस्त तक सरकार को सौंपेगी। इसके बाद कर्मचारियों की वित्तीय मांगों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चीमा ने बताया कि पटियाला मुख्यालय में उनकी अध्यक्षता में करीब पांच घंटे तक बैठक चली। इसके अलावा बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और PSPCL के CMD के साथ यूनियन प्रतिनिधियों की देर रात तक बातचीत हुई, जिसके बाद बिजली क्षेत्र की सभी 16 यूनियनों के साथ सहमति बनी।
PSPCL : बिजली क्षेत्र की 16 यूनियनों ने काम शुरू करने पर जताई सहमति
सरकार के अनुसार, विभिन्न कर्मचारी और यूनियन संगठनों ने हड़ताल वापस लेकर सामान्य कामकाज शुरू करने पर सहमति जताई है।
इनमें Technical Services Union PSEB, PSEB Employees Federation (AITUC), Ministerial Services Union PSEB, Association of Junior Engineers, PSEB Thermal Employees Coordination Committee, PSEB Karamchari Dal Punjab, Employees Federation PSEB, Punjab State Bijli Mazdoor Sangh (BMS), Worker Federation INTUC PSPCL/PSTCL, Employees Federation PSPCL/PSTCL समेत कई अन्य संगठन शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन संगठनों के कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद राज्य में बिजली आपूर्ति से संबंधित सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होने लगी हैं।
आम आदमी क्लीनिक कर्मचारियों की प्रमुख मांग स्वीकार
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आम आदमी क्लीनिक स्टाफ यूनियन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक के बीच हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा विवाद भी सुलझा लिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नियमित पदों पर भर्ती के दौरान यूनियन से जुड़े कर्मचारियों के सेवा अनुभव को मान्यता देने की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अन्य प्रशासनिक मांगों पर भी सरकार सक्रियता से विचार कर रही है। इसके बाद आम आदमी क्लीनिकों में कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से बहाल हो गईं।
सफाई और सीवरेज बोर्ड कर्मचारियों की हड़ताल भी वापस
वित्त मंत्री ने सफाई एवं सीवरेज बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े मामले की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके और स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ हुई बातचीत के बाद संबंधित प्रमुख यूनियनों ने भी हड़ताल वापस लेने का निर्णय किया है। सरकार के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों को लेकर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ा गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने का अध्यादेश राज्यपाल को भेजा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग पर भी कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने संबंधी अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार, इस कदम से राज्यभर के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा और अधिक मजबूत सेवा शर्तों का लाभ मिल सकता है।
सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत से समाधान: चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को टकराव के बजाय बातचीत और आपसी सहमति से हल करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों के कल्याण के साथ-साथ आम जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। वित्त मंत्री ने कहा कि PSPCL कर्मचारियों और आम आदमी क्लीनिक स्टाफ के काम पर लौटने से बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का सामान्य संचालन पूरी तरह बहाल हो गया है।
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