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Sri Akal Takht Sahib के फैसलों पर सवाल, सुखबीर बादल हताशा

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Questions Raised Over Decisions of Sri Akal Takht Sahib
Questions Raised Over Decisions of Sri Akal Takht Sahib

सुखबीर बादल का दोहरा चरित्र उजागर, पहले गलती मानी और अब कह रहे 'साजिश' : मालविंदर कंग

चंडीगढ़ 8 अप्रैल (सुनील कुमार)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि सिखों की सर्वोच्च संस्था Sri Akal Takht Sahib के फैसलों पर सवाल उठाना सुखबीर बादल की हताशा और सिख मर्यादाओं के प्रति उनके मन में शून्य सम्मान को दर्शाता है।

कंग ने कहा कि जिस तरह से सुखबीर बादल अब अपनी राजनीतिक जमीन खिसकते देख पवित्र संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सांसद कंग ने याद दिलाया कि जब पहले सुखबीर सिंह बादल को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किया गया था, तब उन्होंने गुरु महाराज की पावन उपस्थिति में अपनी तमाम गलतियों को स्वीकार किया था। पूरी दुनिया ने लाइव प्रसारण के माध्यम से उन्हें अपनी भूल मानते हुए देखा था। लेकिन, इसके तुरंत बाद श्री मुक्तसर साहिब की एक रैली में उन्होंने अपने सुर बदल लिए और बेशर्मी से कह दिया कि उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया है। यह दोहरा चरित्र उनके अहंकार और सिख कौम के प्रति उनकी बेरुखी का प्रमाण है।

Sri Akal Takht Sahib के प्रति ऐसी बड़ी भूल या गुस्ताखी तो कोई गैर-सिख भी नहीं कर सकता

सुखबीर बादल के उस हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब में अपने खिलाफ 'साजिश' होने की बात कही है, कंग ने कहा कि ऐसी बड़ी भूल या गुस्ताखी तो कोई गैर-सिख भी नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि जहाँ पाँच सिंह साहिबान ने गुरु महाराज की हजूरी में बैठकर, सिख मर्यादाओं और गौरवशाली इतिहास के आधार पर फैसला सुनाया हो, उसे 'साजिश' करार देना सिख इतिहास की सबसे दुखद और शर्मनाक घटनाओं में से एक है।

कंग ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने जो गुनाह पंजाब और सिख पंथ के खिलाफ किए हैं, उसकी सजा तो पंजाब के लोग उन्हें लगातार दे ही रहे हैं। लेकिन अब, जिस तरह से उन्होंने सिखों की सर्वोच्च संस्था की साख और फैसलों पर उंगली उठाई है, उसके लिए पूरा पंथ उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। कौम और संगत आने वाले समय में इस गुस्ताखी के लिए उन्हें कड़ी सजा देगी।

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Rajesh Sachdeva

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