चंडीगढ़, 21 जुलाई, (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश के युवा और किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार उनसे बातचीत करने के बजाय उनकी आवाज दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं और किसानों की समस्याओं को सुनकर बातचीत के जरिए उनका समाधान करना चाहिए।
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि पिछले कई सप्ताह से छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने न तो हिंसा की और न ही सड़कें रोककर आम लोगों के लिए कोई परेशानी पैदा की। इसके बावजूद उनकी मांगें सुनने की बजाय दिल्ली पुलिस के जरिए कार्रवाई की गई।
‘छात्रों पर पुलिस कार्रवाई बेहद निंदनीय’ : Baltej Pannu
बलतेज पन्नू ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान 13 और 14 वर्ष की छात्राओं को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी घायल हुए हैं और कुछ का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पन्नू ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ किया गया यह व्यवहार भाजपा सरकार की ‘विद्यार्थी विरोधी सोच’ को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है। पन्नू के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रभावित छात्रों के लिए हेल्पलाइन जारी की है और अस्पताल जाकर घायल विद्यार्थियों से मुलाकात भी की है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ‘आप’ की ओर से विद्यार्थियों को हर संभव कानूनी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर भी केंद्र पर निशाना
किसानों के मुद्दे पर बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार की व्यापार नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्तावित अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट का भारतीय कृषि क्षेत्र, विशेषकर पंजाब के कपास उत्पादक किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका से आयात होने वाला कपास भारतीय किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर उपलब्ध है। ऐसे में यदि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में आते हैं तो इससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
पन्नू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है और उसे व्यापार समझौतों से पहले किसानों की चिंताओं को सुनना चाहिए।
शंभू बॉर्डर खोलने की मांग
बलतेज पन्नू ने किसानों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने के लिए दिल्ली जाने से रोकने को लेकर केंद्र और हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोका जा रहा है, जबकि वे अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते हैं।
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह अक्सर पंजाब आते हैं और किसानों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं, लेकिन दूसरी ओर हरियाणा सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही है।
पन्नू ने हरियाणा सरकार से मांग की कि शंभू बॉर्डर तुरंत खोला जाए और किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान कोई हथियार लेकर नहीं जा रहे हैं और न ही वे राजधानी के लिए कोई खतरा हैं। वे केवल अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते हैं।
‘सरकार को पिछले किसान आंदोलन से सबक लेना चाहिए’ : Baltej Pannu
पिछले किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि देश पहले ही बड़ी संख्या में किसानों की जान जाने का दौर देख चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह पिछली गलतियों को दोहराने के बजाय इतिहास से सबक ले।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। सरकार को किसानों के रास्ते में बैरिकेड लगाने के बजाय उनके साथ बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज मांगों का समाधान तलाशना चाहिए।
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