25,172 स्कूलों के 31.5 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़, 22 जुलाई (ध्रुव)। Punjab स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा 'सरबत.AI' परियोजना के तहत इस पाठ्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
Punjab के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस मौके पर शिक्षा विशेषज्ञों, तकनीकी साझेदारों और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
'हरित क्रांति से AI क्रांति की ओर बढ़ रहा Punjab'
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब अब हरित क्रांति का नेतृत्व करने से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रांति का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि AI शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के कौशल से लैस किया जाएगा। इसके साथ ही उनमें नवाचार, नैतिक AI, उद्यमिता और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता की समझ विकसित की जाएगी।
बैंस के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब का हर बच्चा केवल भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार न हो, बल्कि तकनीक आधारित दुनिया में सृजनकर्ता और नवप्रवर्तक के रूप में भी अपनी भूमिका निभाए।
25,172 स्कूलों और 31.5 लाख विद्यार्थियों को होगा फायदा
'सरबत.AI' परियोजना के तहत पंजाब के 25,172 स्कूलों के करीब 31.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में कक्षा 8वीं से 12वीं तक AI शिक्षा लागू की जाएगी।
इस चरण में सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कंप्यूटर साइंस विषय के साथ AI को जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को लाइव ऑनलाइन कक्षाओं, रिकॉर्डेड लेक्चर, प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग, निरंतर मूल्यांकन और समर्पित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।
इसके बाद दूसरे चरण में पहली से सातवीं कक्षा तक AI शिक्षा को शामिल किया जाएगा।
12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी
इस परियोजना के पहले चरण में 12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक AI शिक्षा के कार्यान्वयन का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा सभी विषयों के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को धीरे-धीरे प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पढ़ाई, सीखने और मूल्यांकन की प्रक्रिया में AI का प्रभावी उपयोग कर सकें।
तकनीकी रूप से इस कार्यक्रम को 'नीव AI' द्वारा लागू किया जाएगा। AI साक्षरता, शिक्षक क्षमता निर्माण, नवाचार और भविष्य के कार्यबल की तैयारी के लिए Google, Intel, Canva और FAAI के साथ रणनीतिक सहयोग भी किया गया है।
सिंगापुर और फिनलैंड समेत कई देशों की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन
हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि AI पाठ्यक्रम तैयार करने से पहले सिंगापुर, फिनलैंड, UAE और अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन किया गया है। पाठ्यक्रम को UNESCO के नैतिक AI ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि विद्यार्थी AI का सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग सीख सकें।
उन्होंने कहा कि पंजाब का उद्देश्य राज्य के हर विद्यार्थी, शिक्षक और कक्षा तक AI शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।
मनीष सिसोदिया बोले- Punjab ने AI शिक्षा में रचा इतिहास
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब ने इस परियोजना की शुरुआत के साथ इतिहास रच दिया है और AI शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानदंड स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को केवल AI का इस्तेमाल करना नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें AI के साथ नवाचार करने, नई चीजें बनाने और तकनीक आधारित भविष्य में नेतृत्व करने के लिए भी तैयार करेगी।
सिसोदिया ने AI पर आयोजित पैनल चर्चा के दौरान हाल के पेपर लीक और राष्ट्रीय राजधानी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित सुधारों और मजबूत शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया।
Punjab बोर्ड प्रमाणपत्र में दर्ज होगा कंप्यूटर साइंस का परिणाम
PSEB के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि AI को पंजाब के मौजूदा अनिवार्य कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम के मुख्य हिस्से के रूप में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस विषय के परिणाम अब विद्यार्थियों के बोर्ड प्रमाणपत्रों पर भी दर्ज किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज सवाल यह नहीं है कि AI शिक्षा को प्रभावित करेगा या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि AI को जिम्मेदारी और दूरदर्शिता के साथ कैसे विकसित किया जाए।
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