पंजाब

Shiksha Kranti : 20 हजार से अधिक छात्र ने पहले साल में कमाए 90 करोड़

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Education Revolution: Over 20,000 students earned 90 crore in the first year.
Education Revolution: Over 20,000 students earned 90 crore in the first year.

चंडीगढ़, 21 जुलाई, (ध्रुव)।   मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की Shiksha Kranti के तहत उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। सरकार के अनुसार, कार्यक्रम के पहले वर्ष में करीब 95,000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने व्यवसाय शुरू किए। वहीं, 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष Shiksha Kranti में करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अब पंजाब सरकार इसे राज्य के सभी स्नातक (अंडरग्रेजुएट) डिग्री कार्यक्रमों तक विस्तार देने की तैयारी कर रही है। इससे अब बी.ए., बी.एससी. समेत अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी नियमित पढ़ाई के साथ उद्यमिता और व्यवसाय शुरू करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।

युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाना लक्ष्य: हरजोत बैंस

उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब का ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई दिशा दे रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार पैदा करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि करीब 95 हजार विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया और इनमें से 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप शुरू किए। इन छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में सामूहिक रूप से करीब 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया है।

बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति युवाओं को केवल नौकरी हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर पैदा करने के लिए तैयार कर रही है।

Shiksha Kranti : 925 शिक्षण संस्थानों में शुरू हुआ कार्यक्रम

‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान राज्य के 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक संस्थानों, यानी कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किया गया था।

बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए इसे दो-क्रेडिट के अनिवार्य पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाए गए।

इसमें व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय शुरू करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल और समस्या समाधान जैसे विषय शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, करीब 57 हजार विद्यार्थी यानी लगभग 60 प्रतिशत प्रतिभागी पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े।

इन क्षेत्रों में शुरू हुए छात्र उद्यम

‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी एवं फूड सर्विस, डिजिटल कंटेंट, कोडिंग, प्रोफेशनल सेवाएं, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस एवं वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि आधारित व्यवसाय, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

Shiksha Kranti : छात्रों की सफलता की कुछ मिसालें

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग छात्र सौरव ने ‘मॉक, इन माचा’ नाम से माचा पेय ब्रांड शुरू किया। उन्होंने कॉलेज कार्यक्रमों में अपने उत्पाद बेचकर करीब 90 हजार रुपये कमाए।

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के छात्र शरणवीर सिंह ने ‘स्किलएक्सस’ नाम का डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म तैयार किया। सरकार के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के 2.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हो चुके हैं।

संत बाबा भाग सिंह विश्वविद्यालय, जालंधर के पंकज ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए ‘जारिया ज्वेलरी’ नाम से ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वेलरी व्यवसाय शुरू किया और करीब 150 ग्राहकों को सेवाएं देकर 30 हजार रुपये कमाए।

वहीं, सरकारी आईटीआई पटियाला के कमलजीत सिंह ने ‘केएमएल मशरूम’ नाम से कारोबार शुरू किया और स्थानीय बाजारों व रेस्तरां को बटन मशरूम की आपूर्ति करते हुए करीब 1.5 लाख रुपये कमाए।

सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने ‘नेल स्टूडियो बाय गगन’ नाम से घर आधारित नेल आर्ट व्यवसाय शुरू किया और करीब 55 हजार रुपये की कमाई की।

इसके अलावा सरकारी आईटीआई मोहाली के रमनदीप सिंह ने ‘क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक स्टोर’ नाम से ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय शुरू किया और वेबसाइट तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बिक्री बढ़ाई।

2026-27 से सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में लागू होगा ‘बिजनेस क्लास’

कार्यक्रम के पहले वर्ष में मिले सकारात्मक परिणामों को देखते हुए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में ‘बिजनेस क्लास’ का विस्तार करने की सिफारिश की है।

पहले यह कार्यक्रम बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोकेशनल पाठ्यक्रमों तक सीमित था। अब इसे बी.ए., बी.एससी. और अन्य सभी स्नातक पाठ्यक्रमों तक विस्तारित करने की योजना है।

सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक उद्यमिता कौशल देना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी तलाशने के बजाय स्वयं रोजगार और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

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Rajesh Sachdeva

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