Anti-Sacrilege Law से घटनाओं पर रोक लगाने में मील का पत्थर साबित होगा
श्री आनंदपुर साहिब, 6 मई (ध्रुव)। पंजाब सरकार द्वारा Anti-Sacrilege Law लागू किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। यह यात्रा 9 मई को श्री फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026” लागू करना एक ऐतिहासिक कदम है, जो बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब यदि कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करता है, तो उसे आजीवन कारावास भुगतना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का धन्यवाद करने के लिए निकाली जा रही है, जिसने उनकी सरकार को यह सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वे श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब और अन्य प्रमुख गुरुद्वारों में मत्था टेकेंगे।
कानून का उद्देश्य लोगों की आहत भावनाओं को शांत करना और राज्य में शांति बनाए रखना
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले बेअदबी की घटनाओं के पीछे उनके ही लोग थे, इसलिए अब वे इस सख्त कानून का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस कानून का उद्देश्य किसी भी तरह की राजनीति नहीं, बल्कि लोगों की आहत भावनाओं को शांत करना और राज्य में शांति बनाए रखना है।
इतिहास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने इसी पवित्र धरती पर 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा दिया है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा ‘सर्बत्त के भले’ और पंजाब की शांति के लिए समर्पित है।
यह भी पढ़े :- बम्ब धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ, डरा रही है भाजपा