Amarjit Singh Chawla पर विपक्ष की चुप्पी पर बलतेज पन्नू के सवाल
Amarjit Singh Chawla का इस्तीफा वास्तव में स्वीकार किया है या नहीं
चंडीगढ़, 22 सितंबर (ध्रुव)। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने अकाली नेता Amarjit Singh Chawla और अन्य के खिलाफ बहरीन की एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर शिरोमणि अकाली दल (बादल), शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), कांग्रेस और भाजपा नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी और कांग्रेस नेताओं सुखपाल सिंह खैरा, प्रताप सिंह बाजवा व अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बलतेज पन्नू ने कहा कि बहरीन से आई महिला की शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ था और यह विवाद कई दिनों से चर्चा में है। उन्होंने कहा कि Amarjit Singh Chawla ने एसजीपीसी की सदस्यता और अन्य पदों से इस्तीफा देने की बात सामने आई थी, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि उनका इस्तीफा वास्तव में स्वीकार किया गया है या नहीं।
पन्नू ने दावा किया कि Amarjit Singh Chawla के खिलाफ आनंदपुर साहिब थाने में दुष्कर्म, गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी देने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में एसजीपीसी नेतृत्व की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और कानूनी स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
Amarjit Singh Chawla : इस मामले में संस्था की ओर से तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं
सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने पूछा कि अकाली दल का नेतृत्व इस मामले पर अब तक चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को आगे आकर बताना चाहिए कि पार्टी इस मामले को किस नजरिए से देखती है। उन्होंने अकाली दल की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल से भी सवाल किया कि जिस महिला ने सुरक्षा की मांग को लेकर अकाली नेताओं से संपर्क किया था, उसके पक्ष में वह सामने क्यों नहीं आईं।
बलतेज पन्नू ने हरसिमरत बादल के पुराने विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए पूछा कि वह अमरजीत सिंह चावला और मलकीत सिंह के घरों का घेराव करने के लिए महिलाओं को कब लेकर जाएंगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिला की ओर से सुरक्षा की मांग किए जाने के बावजूद उसे मदद देने के बजाय प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह क्यों दी गई।
एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को घेरते हुए पन्नू ने पूछा कि इस मामले में संस्था की ओर से तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में संगत को जानकारी देने के लिए गुरुद्वारों के बाहर नाम वाले बोर्ड लगाने की परंपरा है, तो इस मामले में भी ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया गया। पन्नू ने एसजीपीसी से पूरे मामले में अपनी कार्रवाई और निर्णय की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पन्नू ने अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वल्टोहा ने अमरजीत सिंह चावला का सार्वजनिक रूप से बचाव किया और महिला को बहरीन से पंजाब लाने से जुड़े सवालों को खारिज किया।
नशा मुक्त पंजाब यात्रा निकालने वाले भाजपा नेताओं ने इस मामले पर कोई बयान क्यों नहीं
कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखपाल सिंह खैरा, प्रताप सिंह बाजवा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अक्सर विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर बयान देते हैं, लेकिन इस मामले पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने खास तौर पर सुखपाल खैरा से पूछा कि वह इस मुद्दे पर अब तक कोई बयान क्यों नहीं दे रहे हैं। पन्नू ने कहा कि महिला से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं को भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए पन्नू ने पूछा कि नशा मुक्त पंजाब यात्रा निकालने वाले भाजपा नेताओं ने इस मामले पर कोई बयान क्यों नहीं दिया। उन्होंने सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि क्या अकाली दल और भाजपा के बीच पहले से कोई समझौता है, जिसके कारण भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप है।
बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली दल की चुप्पी को बादल परिवार की राजनीतिक मजबूरी के तौर पर समझा जा सकता है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों को भी इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब और दुनिया भर में रहने वाले पंजाबी तथा सिख समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर हैं।
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