चंडीगढ़

सावधान! Vitamin B12 की कमी को ना करें नजरअंदाज

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Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi
Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi

Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi: एक व्यक्ति को अपने शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है जैसे की विटामिन्स, कार्बोहाइड्रेटस, फाइबर, मिनरल्स, मैग्निशियम, कैलशियम आदि। क्योकि यह उसके शरीर को हर तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करते है। इन् सभी नुट्रीशियस तत्वों में से कुछ ऐसे होते है जिनकी थोड़ी भी कमी आ जाने पर हमारा शरीर काफी दिक्कतों से ग्रस्त हो सकता है जैसे की B12। वैसे तो इसकी कमी किसी भी व्यक्ति में हो सकती है परन्तु उम्र के बढ़ने के साथ-साथ इसकी कमी के चांसेस और भी बढ़ जाते है।

इसके लक्षण हमारे शरीर के विभिन्न भागों में देखने को मिल सकते है पर इसका प्रभाव हमारे हाथों, पैरों, स्किन और हड्डियों आदि पर ज्यादा दिखता है। विटामिन B12 का हमारे शरीर पर सबसे अधिक प्रभाव इसलिए देखा जाता है क्योंकि इसमें कोबाल्ट नामक धातु पाई जाती है जो कि सिर्फ इसी में ही मोजूद होती है। यह हमारे शरीर को सवस्थ और संतुलन में रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी योगदान डालता है। विटामिन B12 बहुत तरह के खान और फ्रूट्स में पाया जाता है, जो की इसकी इंसान के शरीर में पूर्ति कर सकता है। यह एक ऐसा विटामिन है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता जिस कारण यह हर वक्त कोई ना कोई आहार पर निर्भर रहता है।

यह हमारे लीवर में जमा रहता है ताकि जब भी हमारे शरीर को इसकी कमी महसूस हो तो वह यहाँ से इसे लेकर इसकी पूर्ति कर सके। अगर इसकी मात्रा कम हो जाए तो बहुत ही ज्यादा गंभीर लक्षण उभरने लगते हैं। इसका मुख्य काम हमारे डीएनए और रेड ब्लड सेल्स को बनाना है जो बढ़ती उम्र के साथ बनाना मुश्किल हो जाता है।

Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi: B12 की कमी के लक्षण

पैरों और हाथों में झनझनाहट

अध्ययन के अनुसार पता चलता है कि विटामिन बी12 की कमी से हमारे शरीर का जो सेंट्रल नर्व सिस्टम होता है वह सही ढंग से काम नहीं कर पाता है और अपना संतुलन भी खो देता है। यही कारण है की व्यक्ति को अपने पैरो और हाथों में चुभन जैसा महसूस होने लगता है जिसके कारण से उन्हें चलने में भी दिक्कत आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर में जो विटामिन तांत्रिक होते है उसमें B12 Vitamin सबसे ज्यादा जरुरी भूमिका निभाता है और किसी कारण से उनमे कमी आ जाती है। Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi

सूजन का आना

डॉक्टर के अनुसार B12 की कमी के होने से शरीर में काफी तरह के लक्षण देखने को मिलते है। परंतु इसका सबसे अधिक प्रभाव हमारे शरीर की हड्डियों पर पड़ता है और उनमें सूजन आने लगती है। यदि किसी व्यक्ति में विटामिन बी12 की ज्यादा कमी आ जाए या उससे वह किसी भी पोष्टिक आहार से पूर्ण न कर पाए तो उसके पैरों में सूजन आने लगती है और इन्फ्लेमेशन का एहसास होने लगता है। जो व्यक्ति के लिए असुविधा खड़ी कर सकता है। Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi

घुटनों में दर्द

B12 की कमी हमारे जोड़ों के दर्द को काफी बढ़ावा दे सकती है जो की इस स्थिति में असेह्निये होता है। इससे मरीज की बॉडी अकड़ने लगती है जिस का प्रभाव उसकी चलने की शमता पर भी पड़ता है और वह सही तरीके से चल नहीं पाता है और किसी का सहारा लेना पड़ता है। जानकारी के अनुसार यह भी मिलता है कि अर्थराइटिस जैसी बीमारी का इलाज किसी न किसी तरीके से संभव है परंतु जो अर्थराइटिस की बीमारी B12 की कमी के कारण होती है उनका इलाज ढूंढ पाना असंभव होता है। क्योंकि वह जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाता है और उसे आराम देता है। यही कारण है कि बुजुर्गों में अक्सर घुटनों का दर्द ज्यादा देखा जाता है जिससे उन्हें चलने में भी दिक्कत आती है। Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi

त्वचा का रंग

ऐसे तो हर विटामिन की कमी हमारे शरीर पर काफी प्रभाव डालती है परंतु यदि B12 की कमी अधिकतर मात्रा में हमारे शरीर में हो जाए तो यह हमारी त्वचा का रंग बदलने भी लगती है और कभी कभी तव्चा पीली भी पड़ जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर हमारे पैरों पर पड़ता है परन्तु गंभीर अवस्था में त्वचा पर इसका प्रभाव पड़ जाता है। क्योकि तब हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स की प्रोडक्शन सही तरीके से नहीं हो पाती है और एनीमिया का खतरा भी बढ़ जाता है। Vitamin B12 Deficiency Symptoms in Hindi

B12 की कमी से बचाव
  • बाजार में मौजूद B12 के विटामिन सप्लीमेंट्स भी इसकी कमी को दूर करने में काफी महत्वपूर्ण योगदान डाल सकते हैं।
  • डॉक्टर के अनुसार B12 की कमी शुद्ध पोषक आहार से भी पूरी की जा सकती है। जिस कारण से उन्हें प्रॉपर बैलेंस्ड डाइट खाने की सलाह दी जाती है।
  • इसके अतिरिक्त B12 की कमी को पूरा करने के लिए इंजेक्शन भी उपलब्ध होते है जो इसकी मात्रा को पूरण करने में सहायक बन सकते है।

इस आर्टिकल में जानकारी सामान्य रूप से दी गयी है। इसलिए इस पर अमल करने से पहले अपने नजदीकी डॉक्टर से जरुर सलाह ले। दी स्टेट हेडलाइंस किसी भी बात की कोई भी पुष्टि नहीं करता है।

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Rajesh Sachdeva

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